स्वदेशी युद्धपोतों का नया अध्याय: भारत की समुद्री शक्ति का मजबूत संकेत

Dr Rajesh Jauhri
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drrajesh
Dr Rajesh Jauhri is a Journalist with experience of 25 years in Indian and foreign media, Social Scientist, Accomplished Author, Political & Strategic Analyst, Rifle &...
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विशाखापत्तनम पहुंचकर भारतीय नौसेना के लिए गौरवपूर्ण क्षण का साक्षी बनाया। प्रोजेक्ट 17A के छठे स्टेल्थ फ्रिगेट आईएनएस महेंद्रगिरि का कमीशनिंग समारोह न केवल एक युद्धपोत की सेवा-प्रवेश का अवसर था, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की दिशा में भारतीय नौसेना और स्वदेशी जहाज निर्माण उद्योग की उल्लेखनीय प्रगति का प्रतीक भी है।

यह युद्धपोत पूर्णतः स्वदेशी डिजाइन और निर्माण का नतीजा है। इसमें भारतीय नौसेना की आवश्यकताओं के अनुरूप उन्नत स्टेल्थ विशेषताएं, आधुनिक सेंसर, हथियार प्रणालियां और स्वदेशी उपकरणों का समावेश किया गया है। रक्षा मंत्री ने इसे ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दृष्टि और घरेलू रक्षा उद्योगों तथा एमएसएमई की क्षमता का जीवंत प्रमाण बताया। महेंद्रगिरि अब भारतीय समुद्री हितों की रक्षा और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।

यह उपलब्धि बड़े पैमाने पर स्वदेशी युद्धपोत कार्यक्रमों की श्रृंखला का हिस्सा है। रक्षा मंत्रालय तीन प्रमुख परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ा रहा है। प्रोजेक्ट 15C के तहत चार स्वदेशी डिस्ट्रॉयर 50,000 करोड़ की लागत से बनाए जाएंगे। प्रोजेक्ट 17B में छह फ्रिगेट्स ₹40,000 करोड़ में मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड और गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स के बीच विभाजित कर बनाए जाएंगे। वहीं, प्रोजेक्ट 18A के अंतर्गत 14,000-15,000 टन विस्थापन वाले छह अगली पीढ़ी के डिस्ट्रॉयर विकसित किए जाएंगे।

ये कार्यक्रम भारतीय नौसेना को क्षेत्रीय चुनौतियों के अनुरूप आधुनिक, बहु-भूमिका वाले बेड़े से लैस करने की दिशा में निर्णायक कदम हैं। स्वदेशी सामग्री, प्रौद्योगिकी और कुशल जनशक्ति पर निर्भरता बढ़ने से न केवल लागत में बचत हो रही है, बल्कि रणनीतिक स्वायत्तता भी मजबूत हो रही है।

भारत-प्रशांत में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच आईएनएस महेंद्रगिरि जैसी परियोजनाएं न सिर्फ समुद्री सुरक्षा को सुनिश्चित करती हैं, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती सामरिक विश्वसनीयता को भी रेखांकित करती हैं। रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की यह यात्रा निरंतर आगे बढ़ेगी, जो एक मजबूत, आत्मविश्वासी और सुरक्षित भारत का निर्माण करेगी।

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Dr Rajesh Jauhri is a Journalist with experience of 25 years in Indian and foreign media, Social Scientist, Accomplished Author, Political & Strategic Analyst, Rifle & Pistol Shooter, Orator, Thinker and Educationist. He holds Ph.D. degree on “Impact of colonial heritage on Indian police”. He is a national-level sportsperson, won titles in badminton, rifle and pistol shooting and at state-level in archery. Runs NGO for social, economic uplift of tribal communities in MP and two decades back, established a school in Kodariya village of Indore to provide education and moral values to children belonging to tribal, minority families