MP News – सुप्रीम कोर्ट का फैसला : पंचायत चुनाव की याचिकाएं मप्र हाईकोर्ट को लौटाई

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
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नई दिल्ली एजेंसी | मध्यप्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों को लेकर जारी अध्यादेश को चुनौती देने वाली याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में लौटा दिया है।
कोर्ट ने कहा कि जब मामले पर हाईकोर्ट सुनवाई कर रही है तो दो अदालतों को इस मसले पर सुनवाई करने की आवश्यकता नहीं है। साथ ही हाईकोर्ट को 16 दिसंबर को इस पर सुनवाई करने के निर्देश दिए हैं।
मध्यप्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को सुनवाई हुई। इससे पहले 7, 11, 13 और 14 दिसंबर में सुनवाई टल गई थी।
कांग्रेस नेता सैयद जाफर और जया ठाकुर ने मध्य प्रदेश पंचायत चुनाव लेकर सरकार के अध्यादेश को चुनौती दी है। याचिकाकर्ता के वकील वरुण ठाकुर ने कहा कि हमने सुप्रीम कोर्ट के सामने अध्यादेश को गैर-संवैधानिक होने की बात कही। सुप्रीम कोर्ट ने भी यह माना है। उसने यह भी कहा कि चूंकि, मामला हाईकोर्ट में पहले से चल रहा है। इस वजह से इसे लेकर दो अदालतों को सुनवाई करने की जरूरत नहीं है।
नए अध्यादेश से सरकार ने ऐसी पंचायतों का परिसीमन निरस्त कर दिया है, जहां एक साल में चुनाव नहीं हुए हैं। सभी जिला, जनपद या ग्राम पंचायतों में पुरानी व्यवस्था ही लागू रहेगी। यानी 2014 की ही व्यवस्था रहेगी। जो पद जिस वर्ग के लिए आरक्षित है, वही रहेगा।
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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।