Indore News – फीनिक्स टाउनशिप में हेराफेरी, प्रशासन ने छह के खिलाफ दर्ज करवाया केस

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sadbhawnapaati
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भूखंडों की हेराफेरी कर रजिस्ट्री किए हुए भूखंडों को किसान से अवैध मुख्त्यारनामा करवाते हुए हड़पने के मामले में छह लोगों के खिलाफ एफआईआर हुई है।
इनमें चर्चित भूमाफिया चिराग शाह भी शामिल है। एक किसान भी इसमें फंस गया जिसके खिलाफ केस दर्ज हुआ है।

जानकारी के मुताबिक कैलोदहाला में फिनिक्स टाउन के नाम से फीनिक्स देवकॉन प्रा.लि. ने कॉलोनी विकसित की, जिसमें भूखंडों की हेराफेरी की गई और रजिस्ट्री किए हुए 26 भूखंडों को सीधे किसान से अवैध मुख्त्यारनामा करवाते हुए हड़प लिए।

इस मामले में प्रशासन ने भूमाफिया चिराग शाह समेत 6 लोगों के खिलाफ सोमवार रात लसूड़िया थाने में केस दर्ज करवाया है। दरअसल, कलेक्टर मनीष सिंह के निर्देश पर अपर कलेक्टर डॉ. अभय बेड़ेकर ने फीनिक्स टाउन कॉलोनी की जांच की और इसके बाद एफआईआर करवाई।
बताया गया कि कैलोदहाला के एक दर्जन से अधिक सर्वे नम्बरों की लगभग 100 एकड़ जमीन पर नगर तथा ग्राम निवेश से तीन अलग-अलग अभिन्यास मंजूर करवाकर फीनिक्स टाउन नामक कॉलोनी विकसित की गई, लेकिन कई खरीददारों को भूखंड का ही कब्जा नहीं मिला।

दूसरों को बेच दी भूखंडों की जमीनें
लगातार शिकायत के बाद पिछले दिनों शिविर लगाकर कुछ पीड़ितों को कब्जे दिलवाए, वहीं जांच में पता चला कि कुछ लोगों की भूखंडों की जमीनें अन्य को बेच दी गईं।

जबकि नक्शा मंजूरी के बाद कृषि भूमि न होकर भूखंडों में परिवर्तित हो चुकी थी। दीपक अग्रवाल निवासी अपटाउन अपोलो के बयान जब प्रशासन ने लिए तो उसने बताया कि फीनिक्स टाउन का नक्शा मंजूरी के बाद कॉलोनी की जमीन में से सर्वे नंबर 262/2, जिसका रकबा 0.734 हेक्टेयर होता है, के संबंध में चिराग शाह ने किसान गजराज सिंह से दीपक अग्रवाल के पक्ष में मुख्त्यारनामा 18-02-2014 को बिना किसी भूखंड के उल्लेख किए निष्पादित करवा दिया, जिसके आधार पर दीपक अग्रवाल ने इस खसरे नम्बर 262/2 पर स्थित 26 भूखंडों को स्वयं द्वारा खातों में इंदराज बताकर अपनी कंपनी एंजिल इन्फोटेक प्रा.लि. तर्फे डायरेक्टर एवं अपनी पत्नी स्वाति अग्रवाल के नाम अंतरित करवा लिए। किसान और दीपक अग्रवाल के बीच निष्पादित आम मुख्त्यारनामा प्रशासन ने अपनी जांच में अवैध और फर्जी माना, क्योंकि इस जमीन पर पहले से ही जगत सिंह द्वारा सैटेलाइट इन्फ्रा एंड रियल एस्टेट के नाम से कॉलोनी के एक भाग का नक्शा मंजूर करवाया जा चुका था, जिसमें उक्त सर्वे नंबर 262/2 की जमीन भी शामिल थी। इतना ही नहीं भूखंडों की साइज में भी अंतर पाया गया और उस जमीन पर आज भी खेती की जा रही है। कलेक्टर की सख्ती के चलते हुई इस एफआईआर में आरोपी दीपक अग्रवाल के अलावा भूमाफिया चिराग शाह, गजराज सिंह को षड्यंत्रपूर्वक मुख्त्यारनामा की कूटरचना कर भूखंड के फर्जी विक्रय का दोषी पाया गया, वहीं उनके साथ अंकुर पिता सत्यनारायण, स्वाति पति दीपक अग्रवाल के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया।
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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।