MP News – प्रदीप मिश्रा का सीहोर में रुद्राक्ष उत्सव, भोपाल रोड पर 40 किमी जाम, रोते हुए क्षमा मांग स्थगित की कथा 

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
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सदभावना सवाल

1. इतने बड़े समागम के लिए पुलिस प्रशासन से अनुमति दी गई थी
2. भीड़ के संकेत देख पुलिस ने क्या कदम उठाए
3. इंदौर भोपाल रोड पर इतने बड़े जाम के लिए कौन जवाब दें आखिर कौन है जवाब दे

इंदौर-भोपाल हाईवे पर करीब 40 किमी का लंबा जाम लग गया। जो कथा एक से चार बजे तक होना थी, उसे साढ़े 11 बजे शुरू कर 2 बजे समापन कर दिया गया। इस मौके पर पंडित प्रदीप मिश्रा ने भावुक होकर श्रद्धालुओं से क्षमा मांगते हुए कथा को विराम देते हुए लोगों से घर जाने की अपील की। उन्होंने खेद जताया कि देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालुओं के लिए मैं व्यवस्था नहीं कर पाया। इसके लिए मुझे क्षमा करे। आप आनलाइन कथा सुने। साथ रुद्राक्ष आपके पते पर भेज दिए जाएंगे, उसके लिए आप हमारे नंबर पर जानकारी उपलब्ध कर दे।

जानकारी के अनुसार 28 फरवरी से 6 मार्च तक कथा का आयोजन किया जाना था जिसमें सात दिन में करीब 20 लाख लोगों के आने की संभावना जताई गई थी। लेकिन पहले ही दिन लगभग पांच लाख से अधिक श्रद्धालुओं के कुबेश्वर धाम पहुंचने से अव्यवस्थाएं हो गई। हालत यह थी कि रात से ही पंडाल सहित आसपास श्रद्धालुओं का सैलाब एकत्रित हो गया, जिससे सुबह पहुंचने वाले श्रद्धालु कुबेश्वर धाम तक न पहुंचते हुए हाईवे पर ही फंसकर रह गए। जब अव्यवस्था अधिक हुई तो कथा में ही पंडित मिश्रा ने श्रद्धालुओं से रुहासे मन से क्षमा मांगते हुए समय से पहले कथा शुरू कर समापन कर दिया। वहीं श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि जो जहां से आए हैं, वह अपने घर धीरे-धीरे रवाना हो जाएं। कथा पहले की तरह आनलाइन सुने, रुद्राक्ष के लिए मेरे नंबर पर अपनी जानकारी भेज सकते है, जहां रुद्राक्ष पहुंचा दिए जाएंग।

ऐसे बिगड़ी व्यवस्था

कुबेश्वर धाम में कथा स्थल पर 20 हजार लोगों के रुकने की व्यवस्था की गई थी। वहीं 50 हजार से ज्यादा लोग परिसर में एक साथ डोम में बैठने के लिए 15 हजार वर्ग फीट में डोम लगाए गए। 80 एकड़ में पार्किंग की व्यवस्था की गई थी, लेकिन एक दिन पहले ही श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ने से जगह व व्यवस्थाएं कम पड़ गई। वहीं सोमवार को सुबह से जब अन्य श्रद्धालु अपने वाहनों से कुबेश्वर धाम पहुंचे तो पार्किंग की जगह नहीं मिली, जिससे इंदौर-भोपाल हाईवे पर सुबह छह बजे से जाम लगना शुरू हुआ, जो करीब 40 किमी लंबा हो गया। इसके अलावा खेतों में खड़ी फसल के कारण वाहन पार्क करने लोगों को जगह नहीं मिली। संभावना जताई जा रही थी कि 20 लाख लोग सात दिन में आएंगे, लेकिन एक साथ लगभग पांच लाख श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ने से अव्यवस्था हो गई।

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।