इंदौर। जाने-माने फिल्म समीक्षक जयप्रकाश चौकसे का निधन हो गया है। इंदौर में उन्होंने आखिरी सांस ली। पिछले हफ्ते उन्होंने अपने लोकप्रिय कॉलम ‘परदे के पीछे’ की अंतिम किस्त लिखी थी। बीते कुछ समय से वह बहुत ज्यादा बीमार चल रहे थे। जय प्रकाश चौकसे की उम्र 83 साल थी। बुधवार सुबह सवा 8 बजे के करीब उन्होंने आखिरी सांस ली। उनके निधन के साथ ही फिल्म समीक्षा के एक युग का अंत हो गया।
जय प्रकाश चौकसे के पिछले सप्ताह लिखे आखिरी लेख की हेडलाइन कुछ इस प्रकार थी- प्रिय पाठको।।। यह विदा है, अलविदा नहीं, कभी विचार की बिजली कौंधी तो फिर रूबरू हो सकता हूं, लेकिन संभावनाएं शून्य हैं’। जय प्रकाश चौकसे के जाने से उनके चाहने वाले काफी दुखी हैं। सोशल मीडिया पर जय प्रकाश चौकसे को श्रद्धांजलि दी जा रही है। जानकारी के मुताबिक, शाम 5 बजे उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। जय प्रकाश चौकसे के छोटे बेटे आदित्य मुंबई में रहते हैं। फिलहाल उनका इंतजार किया जा रहा है। जय प्रकाश चौकसे के कपूर खानदान और सलीम खान के परिवार से बहुत करीबी संबंध थे।
जय प्रकाश चौकसे का जन्म 1 सितंबर 1939 को मध्यप्रदेश के बुरहानपुर में हुआ था। बुरहानपुर से उन्होंने मैट्रिक की पढ़ाई की थी। फिल्म पत्रकारिता में जय प्रकाश चौकसे बड़ा नाम थे। उनके द्वारा लिखे गए लेख काफी पढ़े जाते थे। फिल्म जगत से जुड़े मसलों पर उनके विचार हो या उनके द्वारा की गई फिल्म समीक्षा का काफी महत्व माना जाता था।

