Indore News – इंदौर कोतवाली एसीपी हरीश मोटवानी, टीआई इंद्रमणि पटेल, टीआई अशोक पाटीदार मुख्यालय अटैच,शिकायतों पर हुई कार्रवाई 

By
sadbhawnapaati
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
2 Min Read

इंदौर | सियागंज के व्यापारियों से वसूली मामले में गुरुवार को कोतवाली एसीपी हरीश मोटवानी पर गाज गिरी। एसीपी पर भी अभियान की आड़ में अवैध अड़ीबाजी और अधीनस्थों पर नियंत्रण न रख पाने का आरोप है।
एआइजी (कार्मिक) ने मोटवानी को पुलिस मुख्यालय अटैच किया है। इसके पहले टीआई अशोक पाटीदार सहित छह पुलिसकर्मी लाइन अटैच हो चुके हैं। पाटीदार को तो पुलिस लाइन से एससीआरबी (भोपाल) भेज दिया है।

सियागंज एसोसिएशन व अहिल्या चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्री ने पिछले रविवार को बैठक में एसीपी हरीश मोटवानी पर भी मिलावट और जांच के नाम पर डराने का आरोप लगाया था।

व्यापारियों ने दबी जुबान से यह भी कहा कि एसीपी कभी भी सादे कपड़ों में जवानों को दुकान व गोदाम पर भेज देते हैं। गुरुवार को गोपनीय रिपोर्ट को आधार बनाकर एसीपी को पुलिस मुख्यालय अटैच कर दिया।

इसके पूर्व टीआइ अशोक पाटीदार, एसआइ राम शाक्य, प्रधान आरक्षक योगेंद्र, संजय पांडे और सिपाही रितेश व अमित जाट को थाने से हटाकर लाइन अटैच किया गया था। पुलिस कमिश्नर हरिनारायणाचारी मिश्र ने पूरी घटना की जांच के आदेश भी दिए हैं।

लसूडिया टीआई इंद्रमणि पटेल और एक दिन पहले ही कोतवाली से हटाकर लाइन अटैच किए गए अशोक पाटीदार को भी हटा दिया गया है। दोनों को पुलिस मुख्यालय में पदस्थ किया गया।

Share This Article
Follow:
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।