एन.पी. के और डी.एपी. खाद की कमी, किसान त्रस्त

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sadbhawnapaati
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इंदौर। जिले में एन.पी. के और डीएपी खाद की कमी से किसान परेशान है। प्याज, हरा धनिया, तरबूज, मक्का व कई सब्जियों में इन खादों की जरूरत पड़ती है। बरलाई जागीर के किसान दिनेश डाबी और बोरिया के श्याम दुबे, धन्नालाल दुबे ने बताया कि बरलाई, डकाच्या, मांगलिया और देपालपुर तहसील में खाद की कमी से किसान परेशान है। गर्मी के मौसम में जिन किसानों के पास पानी उपलब्ध रहता है वे सब्जियां और हरी मक्का की अमेरिकन मक्का की फसल लेते हैं लेकिन लंबे अरसे से दोनों खाद नहीं होने से किसान परेशान हैं।
इंदौर प्रीमियर को ऑपरेटिव्ह बैंक के एमडी अनिल हर्षवाल ने बताया कि खाद का रैक आज पहुंची है। एक दो दिनों में खाद सोसायटियों में पहुंच जाएगी। प्याज के लिए भी इन खाद की जरूरत पड़ती है। डीजल की कीमतें बढ़ने के बाद डीएपी व पोटाश खाद के भाव भी बढ़ने की चर्चा है। रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते भी खाद के दामों पर असर पड़ा है। डीजल महंगा होने से भी खाद के ट्रांसपोर्टेशन के भाव बढ़े है।
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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।