कोरोना में 3 लाख मौतों के बाद भी नहीं सुधरे स्वास्थ्य मंत्री बूंद बूंद पानी को तरस रहे हैं अस्पताल, 446 स्वास्थ्य केन्द्रों पर एक भी डॉक्टर नहीं, ये भाजपा का रामराज है: भूपेन्द्र गुप्ता

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
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भोपाल। मध्य प्रदेश के 446 अस्पतालों में एक भी डॉक्टर नहीं है। 44 कम्युनिटी अस्पतालों में डॉक्टर नहीं है। दो दर्जन से ज्यादा अस्पताल बूंद बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। क्या कर रही है मध्य प्रदेश की सरकार?
प्रदेश कांग्रेस के मीडिया उपाध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता ने भगवान श्रीराम से मंत्री प्रभु राम चौधरी को सद्बुद्धि देने की मांग करते हुए कहा है कि कोरोना काल में तीन लाख से ज्यादा लोगों की मृत्यु हो जाने के बाद भी यह सरकार अस्पतालों की अवस्था बदलने में लाचार है। पूरा प्रशासन ,स्वास्थ्य अमला फर्जी नर्सिंग कॉलेज और उन्हें बड़े हुए बिस्तरों की झूठी मान्यता देने में लगा है। सरकार इन झूठे अस्पतालों और कॉलेजों की जांच करने तैयार नहीं है। ऊपर से बिना डॉक्टर के अस्पताल किसके भरोसे चल रहे हैं यह सरकार की चुप्पी से पता चलता है। जून के महीने तक इस संभावित भीषण गर्मी में ये बिना पानी के अस्पताल जीवन देंगे या मौत यह शिवराज सिंह जी को विभागीय समीक्षा में पूछना चाहिए।
गुप्ता ने कहा कि भगवान राम के दरबार में लाखों दिए जलाने के साथ-साथ रामराज की मर्यादाओं का पालन करने में क्यों बगलें झांकती है यह सरकार? गरीबों के घर में पानी नहीं है ।चंदेरी में लोग नाली से पानी भरने पर मजबूर हैं और सरकार दीयों की रोशनी को अपनी राजनीति में कैद कर लेना चाहती है।
गुप्ता ने कहा कि आज पूरा देश रामराज चाहता है पर मध्यप्रदेश में बूंद बूंद पानी के लिए चिकित्सालय तरस रहे हैं । सरकार बताये कब तक वह अस्पतालों में डॉक्टर और पानी पहुंचा सकेगी ।
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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।