चीन–कंबोडिया ‘2+2’ वार्ता: क्या भारत के लिए ये है कोई रणनीतिक संकेत?

Dr Rajesh Jauhri
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drrajesh
Dr Rajesh Jauhri is a Journalist with experience of 25 years in Indian and foreign media, Social Scientist, Accomplished Author, Political & Strategic Analyst, Rifle &...
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दक्षिण-पूर्व एशिया में बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य के बीच चीन और कंबोडिया के बीच आयोजित पहली “2+2” रणनीतिक वार्ता ने क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरणों को नई दिशा दी है। फ्नोम पेन्ह में आयोजित इस बैठक की सह-अध्यक्षता चीन के विदेश मंत्री वांग यी और रक्षा मंत्री डाँग जुन ने कंबोडिया के विदेश मंत्री प्राक सोखोन और रक्षा मंत्री टी सीहा के साथ मिलकर की।

इस वार्ता में दोनों देशों ने राजनीतिक, रक्षा और सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने पर सहमति जताई। साइबर सुरक्षा, कानून प्रवर्तन और ट्रांसनेशनल अपराधों से निपटने जैसे मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने की बात भी प्रमुख रही। कंबोडिया के प्रधानमंत्री हुन मानेत ने भी चीन के साथ संबंधों को और गहरा करने और वन चाइना थ्योरी पर प्रतिबद्धता दोहराई, जिससे यह स्पष्ट है कि बीजिंग इस क्षेत्र में अपना प्रभाव तेजी से बढ़ा रहा है।

भारत के दृष्टिकोण से यह विकास महत्वपूर्ण है। कंबोडिया की रणनीतिक स्थिति और चीन के साथ उसकी बढ़ती सैन्य नजदीकी दक्षिण चीन सागर और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शक्ति संतुलन को प्रभावित कर सकती है। यह भारत के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि नई दिल्ली इस क्षेत्र में नियम-आधारित व्यवस्था और समुद्री सुरक्षा को प्राथमिकता देती है।

चीन द्वारा प्रस्तावित “एशियाई सुरक्षा मॉडल” क्षेत्रीय सहयोग की बात करता है, लेकिन इसके माध्यम से वह अपनी रणनीतिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश भी कर रहा है। इसके अलावा, क्षेत्रीय विवादों में चीन की मध्यस्थ भूमिका उसकी बढ़ती कूटनीतिक सक्रियता को दर्शाती है।

ऐसे में भारत के लिए आवश्यक है कि वह ASEAN देशों के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करे, रक्षा सहयोग बढ़ाए और अपनी “एक्ट ईस्ट” नीति को और प्रभावी बनाए। चीन- कंबोडिया की यह पहल केवल द्विपक्षीय सहयोग नहीं, बल्कि व्यापक क्षेत्रीय शक्ति संतुलन में बदलाव का संकेत है, जिस पर भारत को सतर्क नजर रखनी होगी।

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Dr Rajesh Jauhri is a Journalist with experience of 25 years in Indian and foreign media, Social Scientist, Accomplished Author, Political & Strategic Analyst, Rifle & Pistol Shooter, Orator, Thinker and Educationist. He holds Ph.D. degree on “Impact of colonial heritage on Indian police”. He is a national-level sportsperson, won titles in badminton, rifle and pistol shooting and at state-level in archery. Runs NGO for social, economic uplift of tribal communities in MP and two decades back, established a school in Kodariya village of Indore to provide education and moral values to children belonging to tribal, minority families