नई दुल्हन का दर्द : पति नपुंसक, हनीमून पर रिलेशन नहीं बनाए, ससुरालवालों ने दहेज़ प्रताड़ना भी की, मामला हुआ दर्ज  

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sadbhawnapaati
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
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Crime News indore – इंदौर की एक नव-विवाहिता ने पति और ससुरालवालों पर दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज कराया है। पीड़िता का आरोप है कि पति नपुंसक हैं।

उसे गंभीर बीमारियां है, बीमारियां छुपा कर शादी की गई। हनीमून पर भी उन्होंने मुझसे रिलेशन नहीं बनाए। मैंने आपत्ति ली तो कहा कि वह पति धर्म नहीं निभा सकते। शादी के ठीक पहले जबरदस्ती मेरे परिजनों से 5 लाख वसूले गए।

थाना प्रभारी ज्योति शर्मा ने बताया कि नेहरू नगर क्षेत्र में रहने वाली नव-विवाहिता ने मुंबई निवासी पति भूपेंद्र बावसकर, सास शिल्पा, ननद मेघना और नंदोई निखिल के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज करवाया है।

पीड़िता ने बताया कि इसी साल फरवरी माह में उसकी शादी हुई थी। दहेज लोभी ससुराल वालों ने शादी के एक दिन पहले 5 लाख रुपए और 5 तोला गोल्ड की मांग कर दी। परिवार वालों ने शादी के लिए व्यवस्था कर उन्हें पैसा और सोना दिया। जिसके बाद शादी हुई।

पीड़िता ने बताया कि शादी के बाद वह मुंबई अपने ससुराल पहुंची। करीब एक सप्ताह तक वहां रही। पति भूपेंद्र ने मुझसे रिलेशन नहीं बनाए। बाद में हनीमून पर गए, वहां भी पति मुझसे दूर-दूर ही रहा। मैंने इस पर आपत्ति ली तो पति ने बताया कि उसे कई बीमारियां है।

मैंने विरोध किया। मैं वापस अपने ससुराल मुंबई पहुंची। यहां ससुराल वाले बाद में 10 लाख रुपए की मांग कर विवाद करने लगे। मैं इंदौर आई और यहां मैंने परिजनों को सारी बात बता कर प्रकरण दर्ज करवाया है।

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।