Indore News – जहां तक पर्यावरण संरक्षण की बात है, भारत सांस्कृतिक मूल्यों और धार्मिक लोकाचार की समृद्ध परम्परा वाला देश रहा है। यहां प्रकृति के पंच तत्वों अर्थात जल, अग्नि, आकाश, पृथ्वी और वायु की पूजा पीढिय़ों से होती रही है।
देश भर में पेड़-पौधे, पहाड़, नदियों और फसलों की पूजा की विभिन्न धार्मिक मान्यताएं रही हैं। भारत विश्व का एकमात्र देश है, जिसे ईश्वर ने 6 विभिन्न ऋतुओं से सुशोभित किया है यथा: ग्रीष्म, शरद, वर्षा, हेमंत, शिशिर और बसंत। ये 6 ऋतुएं हमें प्रकृति के अनुसार जीवन व्यतीत करने की शिक्षा भी प्रदान करती हैं।
लगभग एक सदी पहले महान भारतीय वैज्ञानिक जगदीश चन्द्र बसु ने ही यह सिद्ध किया था कि पेड़-पौधों, वनस्पति में भी जीवन होता है, ये भी हमारी तरह ही लगाव एवं दर्द महसूस करते हैं।
भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति में प्रकृति से अनुराग केवल उपयोगितावादी अथवा उपभोगवादी दृष्टि से नहीं वरन पूजा, श्रद्धा और आदर की भावना से करना सिखाया जाता है। इस धरा से केवल उतना ही लें जितना जरूरी है।
प्राकृतिक साधनों का अत्यधिक दोहन हमारे शास्त्रों में निषेध बताया गया है। तो क्या हमारा भी दुनिया के उन देशों की तरह पर्यावरण दिवस मनाना उचित है? जो प्रकृति को सिर्फ उपभोग की वस्तु मानते हैं।
हमारी संस्कृति पर्यावरण संरक्षण प्रधान रही है, जो प्रदूषण पर उपराम लगाती है और आध्यात्मिक मनोविज्ञान को स्वीकार करती है और यह स्पष्ट करती है कि मानव के प्राणों की सुरक्षा तथा पवित्रता की सुरक्षा प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा पर निर्भर करती है।
आज आवश्यकता इस बात की है कि समूचे विश्व के देश आपस में मिलकर पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य करें।
यदि भारत के साथ साथ अन्य देश भी उक्त वर्णित भारतीय परम्पराओं का सही अर्थों में पालन करने लगते हैं तो शायद इस धरा से पर्यावरण सम्बंधी समस्याओं को धीरे धीरे समाप्त किया जा सकता है।
इस लिए पर्यावरण संरक्षण गतिविधि पेड़, पानी और पॉलीथिन के लिए विशेष रूप से कार्य कर रही है
उक्त उदगार पर्यावरणविद स्वप्निल व्यास ने विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में पर्यावरण संरक्षण गतिविधि(हरित मालवा समिति),रामेश्वरम जिला के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त कीए जहां मालवमंथन द्वरा औषधीय पौधों का रोपण किया गया एवं पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई गई और पर्यावरण कार्यकर्ता नंदकुमार लाभांते के चलित बीज बैंक का उद्घाटन किया गया कार्यक्रम की शुरुआत पर्यावरण संरक्षण रैली से की गई कार्यक्रम का संचालन रेनु भूतड़ा ने किया आभार जिला पर्यावरण संरक्षण गतिविधि संयोजक श्री मुकेश गुप्ता ने माना कार्यक्रम में मुख्य रूप नरेंद्र अग्रवाल,रानी सक्सेना मोनिका आहूजा,नित्या व्यास के साथ रहवासी संघ के सदस्य और गणमान्यजन उपस्थित रहे।


