मप्र में बिजली गिरने से 11 मौतें, ग्वालियर-चंबल में 8, छतरपुर में 3 की जान गई; भोपाल में टूटकर बरसे बादल

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मप्र के मध्य में लो प्रेशर एरिया बनने से भारी बारिश हो रही है। ग्वालियर-चंबल में बुधवार को गर्मी, उमस और फिर झमाझम बारिश के बीच कई जगह बिजली गिरी। इसमें 8 लोगों की मौत हो गई और 4 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सबसे ज्यादा मौत श्योपुर में हुईं। छतरपुर में भी मां-बेटे सहित तीन की जान गई।
श्योपुर में कराहल ब्लॉक के अजनोई गांव के पास जंगल में पिकनिक मना रहे 6 दोस्तों पर बिजली गिर गई। तीन दोस्त (रामभरत आदिवासी, दिलीप आदिवासी व मुकेश आदिवासी) की मौके पर ही मौत हो गई। तीन दोस्त (दयाराम आदिवासी, सतीश आदिवासी व सोमदेव आदिवासी) गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें ग्वालियर रेफर कर दिया गया है। भिंड में गोरमी थाने के सुकांड गांव में दो महिलाओं (रामकली (70) पत्नी रामभरोसे बघेल, ज्ञानोदेवी (40) पत्नी केशव सिंह बघेल) की बिजली गिरने से मौत हो गई है।
शिवपुरी में बगरबारा गांव में बिजली गिरने से अकलवती (35) पत्नी रामस्वरूप लोधी ने दम तोड़ दिया, जबकि मालती (32) पत्नी वीरेंद्र लोधी घायल हो गईं। ग्वालियर में तिघरा के घंमडीपुरा में नत्थाराम बघेल और जिले के भितरवार क्षेत्र के ग्राम बागवई निवासी बेताल सिंह गुर्जर (32) पुत्र हरनाम सिंह गुर्जर ने भी बिजली गिरने से दम तोड़ दिया।
छतरपुर में भी बिजली गिरने से तीन मौतें
छतरपुर जिले में भी बारिश ने तीन की जान ली। बड़ामलहरा थाना इलाके केग्राम महाराजगंज में रामप्यारी अहिरवार? (50), उनका 25 साल बेटा मुकेश अहिरवार गढिय़ा? तालाब स्थित अपने खेत पर काम कर रहे थे। बिजली मां-बेटे पर आ गिरी। दोनों की मौके पर मौत हो गई।?बमनौरा थाना के अमरवां में रेड़ा अहिरवार (50) अगरौठा रोड पर स्थित खेत पर काम कर रहे थे। बिजली गिरने से उनकी मौत हो गई।
प्रदेश में बिजली से मौत पर मुआवजा
मध्यप्रदेश में बिजली गिरने से जन-धन हानि पर मुआवजे का प्रावधान भी है। प्रदेश में बिजली गिरने से होने वाली मौत पर 2 लाख और अपंगता पर 50 हजार रुपए की क्षतिपूर्ति राशि दी जाती है। इसके साथ ही आपदा कोष से 20 हजार रुपए धन या पशु हानि पर मिलता है।
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