शादी का झांसा – लिव इन में सात साल रेप

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sadbhawnapaati
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इंदौर। सात साल तक लिव इन में रहने के बाद जब युवक दूसरी जगह शादी करने लगा तो युवती ने उसकी मंगेतर का सोशल साइट पर पता लगाया। उसको मैसेज कर सारी हकीकत बता अपने लिव इन पार्टनर की शादी तुड़वा दी। इसके लिए उसने उसे रेप की एफआईआर की कॉपी भी भेज दी। ये देखते ही लड़की के परिवार में हड़कंप मच गया और उन्होंने रिश्ता तोड़ दिया अब आरोपी अपंनी लिव-इन पार्टनर पीड़िता पर समझौते के लिए दबाव बना रहा है। मामला मालवा मिल में रहने वाली युवती का है और आरोपी युवक का नाम अमूल गवली है। पीड़िता के अनुसार वो साल 2015 में सहेली के साथ घूमने गई थी। तभी वहां सहेली के बॉयफ्रेंड के साथ अमूल गवली भी आया था। वहीं उससे जान-पहचान हुई, जो धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। युवती ने बताया आरोपी अमूल पीथमपुर की माइलोन कंपनी में सुपरवाइजर है और इंदौर में सुखलिया रहता है। 2016 में अमूल ने दिवाली के मौके पर मुझे प्रपोज किया था। फिर उसके भाई की बेटी के बर्थडे पर घर ले गया। अमूल ने कमरे पर आकर मुझसे जबरदस्ती संबध बनाए। उसने शादी करने का वादा किया। इसके बाद हम किराए पर कमरा लेकर लिव-इन में रहने लगे। पीड़िता के मुताबिक आरोपी ने 7 साल के दौरान शादी का झांसा देकर कई बार संबंध बनाए। जून 2022 में पता चला कि वह किसी और युवती से बात करने लगा है। फिर मां से शादी की बात करने का कहकर अपने घर महाराष्ट्र के चंद्रपुर चला गया। इसी बीच उसने चंद्रपुर की ही युवती से सगाई कर ली। उसने मेरा कॉल उठाना भी बंद कर दिया। अमूल की शादी की बात पता चलने पर पीड़िता ने जून में महिला थाना में रेप का केस दर्ज कराया। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि वह अमूल के साथ पिछले 7 साल से लिव-इन में रह रही है। अब अमूल शादी करने को तैयार नहीं है और महाराष्ट्र की लड़की से रिश्ता तय कर लिया है। पुलिस ने जांच के बाद अमूल के खिलाफ रेप का केस दर्ज कर लिया, लेकिन उसकी गिरफ्तारी नहीं की। वहीं आरोपी अब पीड़िता को समझौते के लिए परेशान कर रहा है। अमूल गवली की शादी महाराष्ट्र की चंद्रपुर की युवती से तय हुई थी। 9 जुलाई को दोनों की शादी पूर्णानगर के बालाजी गार्डन में होना थी मंगेतर युवती के परिजन ने इंदौर पुलिस से बात की, तो पूरे मामले का खुलासा हुआ। इसके बाद उन्होंने रिश्ता तोड़ दिया।
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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।