Indore Crime News। विशेष NDPS अदालत ने विजय नगर थाना के क्राइम नंबर 302/2026 में फंसे कटनी के तीन युवा छात्रों रितेश, मयंक और आदित्य उर्फ जीत को जमानत दे दी है। 13 अप्रैल 2026 को विशेष न्यायाधीश (NDPS Act) मनीष कुमार लोवांशी की अदालत ने बचाव पक्ष की दलीलों को स्वीकार करते हुए कहा कि बरामद 800 ग्राम (लगभग 821 ग्राम) गांजा व्यावसायिक मात्रा की श्रेणी में नहीं आता, इसलिए यह मामला विशेष NDPS कोर्ट के बजाय न्यायिक मजिस्ट्रेट के अधिकार क्षेत्र में आता है। अदालत ने तीनों आरोपियों को जमानत मंजूर कर प्रकरण को संबंधित मजिस्ट्रेट न्यायालय में स्थानांतरित करने के आदेश भी दे दिए।
आरोपियों की ओर से वकील सागर प्रजापत (Advocate Sagar Prajapat) ने जमानत अर्जी पेश की थी। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता सागर प्रजापत (Advocate Sagar Prajapat Indore) ने महत्वपूर्ण तर्क देते हुए कहा कि पुलिस ने प्रकरण NDPS एक्ट की धारा 8/20(b) के तहत दर्ज किया था और इसे व्यावसायिक मात्रा बताकर विशेष अदालत में पेश किया, जबकि वास्तविक बरामदगी व्यावसायिक मात्रा नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि मुख्य आरोपी आदित्य उर्फ जीत के पास से ही गांजा बरामद हुआ था, जबकि अन्य दो आरोपियों की गिरफ्तारी केवल मेमो के आधार पर हुई और उनके पास से कोई बरामदगी नहीं हुई। राज्य की ओर से विशेष लोक अभियोजक श्याम डांगी उपस्थित थे।
NDPS कोर्ट का बड़ा फैसला:
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और केस डायरी का अध्ययन करने के बाद प्रत्येक आरोपी को 25,000 रुपये की सक्षम प्रतिभूति तथा उतनी ही राशि का व्यक्तिगत बांड जमा करने का आदेश दिया। साथ ही तीन शर्तें लगाई गईं—आरोपी विचारण के दौरान नियमित रूप से अदालत में हाजिर रहेंगे, गवाहों को प्रभावित नहीं करेंगे और इस तरह के अपराध की पुनरावृत्ति नहीं करेंगे। अदालत ने पाया कि तीनों आरोपी कटनी के स्थायी निवासी छात्र हैं और उनके खिलाफ कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। अगली तारीख 24 अप्रैल 2026 को आरोप पत्र पेश करने के लिए रखी गई है।


