भारत- मिस्र जॉइंट स्पेशल फोर्सेज एक्सरसाइज ‘साइक्लोन-4’ का समापन: दोनों देशों की सेनाओं के बीच आपसी समन्वय और युद्ध कौशल में अभिवृद्धि

Dr Rajesh Jauhri
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drrajesh
Dr Rajesh Jauhri is a Journalist with experience of 25 years in Indian and foreign media, Social Scientist, Accomplished Author, Political & Strategic Analyst, Rifle &...
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मिस्र और भारत की जॉइंट स्पेशल फोर्सेज के बीच चौथे संस्करण का जॉइंट स्पेशल फोर्सेज एक्सरसाइज ‘साइक्लोन-4’ सफलतापूर्वक समाप्त हो गया है। 9 अप्रैल से मिस्र के अंशास स्थित रेंजर्स फोर्सेस मुख्यालय में आयोजित इस उच्च-तीव्रता वाले अभ्यास ने दोनों देशों की सेनाओं के बीच परिचालन समन्वय (इंटरऑपरेबिलिटी) को नई ऊंचाई दी।

मिस्र के सैन्य प्रवक्ता के अनुसार, अभ्यास के दौरान भारतीय सेना की पैरा स्पेशल फोर्सेज की 25 सदस्यीय टुकड़ी ने मिस्र की थंडरबोल्ट (साका) स्पेशल फोर्सेज इकाइयों के साथ प्रशिक्षण लिया। अभ्यास का मुख्य फोकस रेगिस्तानी और अर्ध-रेगिस्तानी इलाकों में विशेष अभियानों पर था, जिसमें संयुक्त मिशन प्लानिंग, क्लोज क्वार्टर बैटल, विशेष टोही, आतंकवाद विरोधी अभियान और बंधक बचाव जैसे महत्वपूर्ण तत्व शामिल थे।

अभ्यास की शुरुआत परिचालन सिद्धांतों को एकरूप बनाने वाली व्याख्यानों और हथियारों तथा उपकरणों के प्रदर्शन से हुई। इसके बाद वास्तविक परिस्थितियों की नकल करते हुए कई व्यावहारिक सत्र आयोजित किए गए, जिनमें दोनों पक्षों ने अपनी विशेषज्ञता का आदान-प्रदान किया। यह अभ्यास पिछले संस्करणों की निरंतरता में आयोजित किया गया था। तीसरा संस्करण फरवरी 2025 में भारत के राजस्थान स्थित महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में हुआ था।

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ‘साइक्लोन’ श्रृंखला भारत और मिस्र के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। दोनों देश हाल के वर्षों में उच्च-स्तरीय सैन्य आदान-प्रदान, रक्षा उद्योग सहयोग और बहुपक्षीय मंचों पर सक्रिय सहयोग बढ़ा रहे हैं। यह अभ्यास न केवल युद्ध कौशल को निखारता है, बल्कि दोनों सेनाओं के बीच विश्वास और सौहार्द को भी गहरा करता है।

भारतीय सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ऐसे अभ्यास आधुनिक खतरों और सीमा-पार आतंकवाद से निपटने में दोनों पक्षों की तैयारी को और बेहतर बनाते हैं। मिस्र के अधिकारियों ने भी दोनों पक्षों की व्यावसायिकता और उन्नत क्षमताओं की सराहना की।

‘साइक्लोन-4’ का समापन ऐसे समय में हुआ है जब वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य तेजी से बदल रहा है। भारत के लिए यह पश्चिम एशिया और अफ्रीका के महत्वपूर्ण साझेदारों तक अपनी पहुंच बढ़ाने की दिशा में एक कदम है, जबकि मिस्र के लिए यह क्षेत्रीय सैन्य क्षमता को मजबूत करने का अवसर है।

अभ्यास में शामिल सैनिक अब अपनी-अपनी इकाइयों में लौट रहे हैं। अपेक्षा है कि ‘साइक्लोन-4’ से प्राप्त अनुभव और सबक भविष्य के प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल किए जाएंगे। दोनों सेनाओं ने विश्वास जताया है कि यह अभ्यास द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को नई दिशा देगा और भविष्य में और बड़े संयुक्त प्रयासों का मार्ग प्रशस्त करेगा।

आज के अनिश्चित रणनीतिक वातावरण में ‘साइक्लोन’ जैसे अभ्यास पेशेवर सेनाओं के प्रभावी सहयोग की मिसाल प्रस्तुत करते हैं, जो साझा हितों की रक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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Dr Rajesh Jauhri is a Journalist with experience of 25 years in Indian and foreign media, Social Scientist, Accomplished Author, Political & Strategic Analyst, Rifle & Pistol Shooter, Orator, Thinker and Educationist. He holds Ph.D. degree on “Impact of colonial heritage on Indian police”. He is a national-level sportsperson, won titles in badminton, rifle and pistol shooting and at state-level in archery. Runs NGO for social, economic uplift of tribal communities in MP and two decades back, established a school in Kodariya village of Indore to provide education and moral values to children belonging to tribal, minority families