ब्रिटैन के वेल्स की दुर्गम पहाड़ियों में आयोजित ‘कैम्ब्रियन पेट्रोल 2026’ एक्सरसाइज ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया कि भारतीय सेना की प्रशिक्षण परंपरा और युद्धक क्षमता विश्व स्तर पर अद्वितीय है। भारतीय सेना की असम रेजिमेंट की टुकड़ी ने 2 से 12 अक्टूबर तक चले इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सैन्य पेट्रोलिंग अभ्यास में स्वर्ण पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया। सौ से अधिक टीमों की भीड़ में केवल दस टीमों को स्वर्ण पदक मिला, जिनमें भारतीय टीम प्रमुख स्थान पर रही।
ब्रिटिश सेना द्वारा आयोजित कैम्ब्रियन पेट्रोल को विश्व के सबसे कठिन सैन्य पेट्रोलिंग अभ्यासों में गिना जाता है। लगभग अड़तालीस घंटों में साठ किलोमीटर से अधिक पर्वतीय क्षेत्र में नेविगेशन, टोही, घायलों का सफल इवैकुएशन, सामरिक निर्णय और युद्धक अभ्यास जैसे कठिन कार्यों को पूरा करना पड़ता है। भारी वजन ढोते हुए टीमों को मानसिक और शारीरिक सहनशक्ति की चरम सीमा तक परीक्षा दी जाती है। असम रेजिमेंट के जवानों ने इन्हीं चुनौतियों में उत्कृष्ट क्षेत्र कौशल, नेतृत्व, टीमवर्क और अदम्य संकल्प का परिचय दिया।
यह उपलब्धि मात्र पदक नहीं, बल्कि भारतीय सेना के “जय से विजय” दृष्टिकोण और योद्धा आत्मा का जीवंत प्रमाण है। कठोर प्रशिक्षण, युद्धक्षेत्रीय दक्षता और उत्कृष्टता की निरंतर खोज ने वैश्विक मंच पर विजय सुनिश्चित की। असम रेजिमेंट, जो अपनी साहसिक परंपरा और विविध भूभागों में सेवा के लिए जानी जाती है, ने एक बार फिर साबित किया कि भारतीय सैनिक किसी भी परिस्थिति में श्रेष्ठता हासिल करने में सक्षम हैं।
यह सफलता भारतीय सेना की व्यावसायिक क्षमता, अनुकूलनशीलता और सामूहिक शक्ति को रेखांकित करती है। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में निरंतर बेहतर प्रदर्शन से देश की रक्षा तैयारियों का वैश्विक विश्वास और मजबूत होता है। असम रेजिमेंट का युद्धघोष ‘तगड़ा रहो’ इस विजय के साथ और गूंज उठा है। प्रशिक्षित होकर उत्कृष्ट बनो, विजय के लिए दृढ़संकल्पित रहो,यह मंत्र अब और अधिक प्रासंगिक हो गया है।


