संयुक्त रक्षा स्टाफ प्रमुख (CISC) एयर मार्शल तेजिंदर सिंह ने यूनाइटेड सर्विस इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (USI) द्वारा आयोजित “इंडियन मिलिट्री हेरिटेज फेस्टिवल” (IMHF) में भाग लेते हुए भारतीय सशस्त्र बलों के एकीकरण और ऐतिहासिक निरंतरता पर गहरा रणनीतिक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया।
“25 इयर्स ऑफ इंस्टीट्यूशनलाइजिंग जॉइंटमैनशिप” सत्र की अध्यक्षता करते हुए एयर मार्शल ने मुख्य भाषण में यह स्पष्ट किया कि ट्राई-सर्विस एकीकरण (Jointmanship) महज एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि तीनों सेनाओं के बीच एक ‘विश्वास का सिद्धांत’ (Article of Faith) है। उन्होंने रेखांकित किया कि पिछले कुछ वर्षों में थल, नभ और जल सेना के बीच समन्वय अभूतपूर्व स्तर पर पहुंचा है। थियेटर कमान जैसे जारी संरचनात्मक सुधार सही दिशा में प्रगति पर हैं, जो व्यावहारिक परिचालन अनुभवों और सुदृढ़ सैन्य सिद्धांतों पर आधारित हैं।
फेस्टिवल के दौरान वरिष्ठ पत्रकार बरखा दत्त द्वारा संचालित एक विशेष सत्र में, तीनों सेनाओं की उन महिला अधिकारियों से संवाद हुआ जिन्होंने ऐतिहासिक वैश्विक नौकायन अभियानों में भाग लिया था। CISC ने इन जांबाज़ अधिकारियों के अदम्य साहस, संयम और साहसिक भावना की सराहना करते हुए प्रतिभागी अधिकारियों को सम्मानित किया।
समापन संबोधन में एयर मार्शल तेजिंदर सिंह ने भारत की समृद्ध सैन्य विरासत को प्रामाणिक रूप से लिपिबद्ध करने और भावी पीढ़ियों के समक्ष प्रदर्शित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका मानना है कि आने वाले समय में राष्ट्रीय सुरक्षा की चुनौतियों से निपटने के लिए इतिहास से प्रेरणा और सीख लेना अनिवार्य है।
यह आयोजन स्पष्ट संदेश देता है कि आधुनिक युद्धक्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप भारतीय रक्षा बल अपनी ऐतिहासिक जड़ों को सहेजते हुए, एकीकृत सैन्य शक्ति के रूप में और अधिक सशक्त होकर उभर रहे हैं।


