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लव ट्रायंगल में सुपारी किलिंग का थाना तेजाजी नगर ने एक दिन में किया खुलासा  

इंदौर क्राइम. मामला तेजाजी नगर थाने का है जहाँ बाप ने बेटी के प्रेमी को मरवा डाला। बेटी का प्रेमी शादी के बाद भी उससे बात करता था। इससे नाराज पिता ने अपने दामाद के साथ मिलकर उसकी डेढ़ लाख रुपए में सुपारी दी।

किलर्स ने उसे चाकुओं से गोदकर मार डाला। पुलिस ने आरोपी पिता, दामाद और उनके 2 साथियों को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि एक आरोपी फरार है।

TI आरडी कानवा के मुताबिक उन्हें सूचना मिली थी कि सेज यूनिवर्सिटी के पास खून से सनी एक लाश मिली है। लाश ग्राम माचल की राजारानी कॉलोनी निवासी अश्विन पुत्र शंकरलाल यादव की निकली।

अश्विन लोडिंग चलाने का काम करता था। इस मामले में अश्विन की पहचान होते ही उसके भाई अशोक ने गंगाराम कटारे पर आरोप लगाए थे। बताया था कि दोनों अश्विन को पूर्व के प्रेम संबंधों के मामले में धमका रहे थे। इसके बाद पुलिस दोनों की तलाश में जुट गई थी।

कॉल डिटेल से हत्यारों तक पहुंची पुलिस

पुलिस ने गंगाराम कटारे की कॉल डिटेल निकाली थी। उसकी दामाद और भाई से लगातार बात हुई थी। पुलिस ने उसके घर पहुंच कर दबाव बनाया तो रात में ही आरोपी पकड़ में आ गए।

गंगाराम ने पूछताछ में बताया कि शादी होने के बाद भी बेटी लगातार अश्विन से संपर्क में थी। इसके लिए उसने अश्विन को रोका भी था। इस बात से दामाद गोपाल भी नाराज चल रहा था।

उसने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर पूरे घटनाक्रम को अंजाम दिया। इस हत्याकांड में गोपाल पगारे पुत्र कैलाश पगारे निवासी नगीन नगर, राजू पुत्र धनसिंह कनाश निवासी सात उमरी गंधवानी, अनार सिंह पुत्र रूगनाथ डाबर निवासी ग्राम करोंदिया को सिलिकॉन सिटी इंदौर से गिरफ्तार किया। वही एक आरोपी सुनील मंडलोई निवासी धरमपुरी की गिरफ्तारी अभी बाकी है।

लड़की के पिता ने उगला राज

गंगाराम कटारे ने बताया कि मेरी बेटी की शादी गोपाल पगारे से चार माह पहले हुई थी। अश्विन यादव मेरी बेटी से शादी के पहले बात करता था। बाद में जब यह बात उन्हें पता लगी तो अश्विन से बेटी से बात नहीं करने के लिए कहा।

लेकिन इसके बाद भी वह कभी-कभी बेटी के ससुराल में फोन लगाता था। मुझे मेरे दामाद गोपाल पगारे ने इसकी जानकारी दी थी।

दामाद ने ऐसे रची साजिश

दामाद गोपाल मकान ठेकेदारी के काम से जुड़ा है। ठेकेदारी के काम के दौरान गोपाल को प्लास्टर का काम करने वाले दिनेश के यहां राजू बघेल मिला।

दोस्ती होने पर एक माह पहले गोपाल ने राजू बघेल से एक व्यक्ति की हत्या करने की बात कही। इसमें राजू बघेल ने बोला कि मेरी शादी हैं, मुझे पैसो की जरूरत हैं, मैं तुम्हारा काम करवा दूंगा।

राजू बघेल से अश्विन यादव को मरवाने के लिए डेढ़ लाख रुपए में सौदा तय हुआ था। राजू को अश्विन से पहचान कराई।

10 अप्रैल को राजू ने अनार सिंह और सुनील को बुलाया। इसके बाद कुंदन नगर में गोपाल ने अपने काका ससुर हुकुम के निर्माणाधीन घर पर तीनों को रुकवा दिया। बाद में सोमवार को राजू सुबह ग्राम कलोदिया में जाकर अनार सिंह की बाइक लेकर आ गया।

इसके बाद शुरू में दो हजार रुपए तथा बाद में पांच हजार रुपए कुल सात हजार रुपए खर्चे के लिए दे दिए। 13 अप्रैल की सुबह अनार का फोन आया कि हमने अश्विन यादव को सेज यूनिवर्सिटी के ऊपर खाली पडे़ मैदान में चाकुओं से गोदकर मार दिया हैं, तुम्हारा काम कर दिया है।

उक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी ,थाना तेजाजी नगर निरीक्षक आर.डी. कानवा , उनि विकाश शर्मा, उनि ए.आर.खान,सउनि रजनीश त्रिपाठी,प्र.आर.विजेन्द्र सिंह,प्र.आऱ.प्रदीप पटेल,प्र.आऱ.नितीन,आर.गोविन्दा,आर.सौरभ,आर.संजय शर्मा,आर.अनिल की सराहनीय भूमिका रही ।
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