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Indore Crime News – सावधान इंदौर! “रॉयल स्टैग” के ब्रांडेड पैक में नकली ज़हरीली शराब से 5 की मौत 

इंदौर. ऐसी आशंका है कि इंदौर में बड़ी तादाद में नकली और खराब क्वालिटी की शराब सप्लाई हो रही है. हाल ही में शराब पीने के बाद चार लोगों की मौत ने सबके कान खड़े कर दिये हैं. उसके बाद अब खुद पुलिस ने जनता के लिए एडवाइजरी जारी की है कि नकली शराब से सावधान रहें. सस्ती के लालच में न पड़ें. लाइसेंसधारी दुकान से ही शराब खरीदें. इंदौर पश्चिम जिले के पुलिस अधीक्षक महेशचंद जैन ने जनता को अलर्ट करने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई. उन्होंने कहा – इंदौर में एक सप्ताह के भीतर ही अलग अलग जगह चार लोगों की संदिग्ध हालात में मौत हुई है. कुछ लोग बीमार हैं. इन सभी की शराब पीने के बाद तबीयत बिगड़ी है. आशंका है कि आसपास के इलाकों में कहीं बहुत ही निम्न क्वालिटी या नकली शराब बनायी जा रही है. उन्होंने कहा इसलिए सिर्फ लायसेंस धारी दुकानों से ही शराब खरीदें.

पुलिस और आबकारी विभाग में खलबली
इंदौर पुलिस विभाग में कुछ दिन पहले उस वक़्त हड़कंप मच गया, जब एक संदेश वायरल हुआ कि जहरीली शराब पीने से दो लोगों की मौत हो गई. उनका एक अन्य साथी निजी अस्पताल में भर्ती है. पुलिस ने लिए यह उस वक़्त इसलिए और ज्यादा चौंकाने वाला था क्यूंकि उसके ठीक पहले मंदसौर में जहरीली शराब पीने से कई लोगों की मौत हो चुकी थी. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और आबकारी विभाग में खलबली मच गई और दोनों ही विभाग जांच में जुट गए.

दोस्तों ने की थी पार्टी
इंदौर के एरोड्रम थाना इलाके में स्थित पैराडाइज बार 23 जुलाई की दोपहर शिशिर, अभिषेक अग्निहोत्री, सागर अग्रवाल, अमित सोलंकी, रिंकू वर्मा, जीतू निगम, गणेश पाटिल, सचिन गुप्ता और दुर्गेश तोमर ने शराब पार्टी की थी. दूसरे दिन सागर की तबियत बिगड़ गई. उल्टियां होने पर उसे  निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज शुरू होने से पहले ही उसकी मौत हो गयी. डॉक्टरों ने शुरूआती परीक्षण के बाद जहरीली शराब से मौत की आशंका जाहिर की.

3 दिन में 4 दोस्तों की मौत
26 जुलाई को शिशिर की भी उसी तरह तबियत बिगड़ने से मौत हो गई. 26 जुलाई को ही अभिषेक और सचिन गुप्ता की भी तबियत बिगड़ी और दोनों की मंगलवार को मौत हो गई. तीन दिन में चार मौतों से क्षेत्र में हड़कंप मच गया. सूचना मिलते ही आबकारी और पुलिस अमला सक्रिय हुआ और पैराडाइज बार में छापा मारकर रॉयल स्टैग (शराब) और किंगफिशर (बीयर) की बोतलें जब्त कर लीं.

शराब का कहर
इसके बाद बाणगंगा थाना इलाके में स्थित सपना बार में शराब पीने से फायनेंस कम्पनी में बतौर एजेंट काम करने वाले शिवरतन उर्फ़ शिवा की मौत हो गई. मोबाइल की जांच करने पर पता चला कि  मौत से ठीक पहले शिवा ने 1100 रुपये का बिल भुगतान बियर बार में किया था. उसके बाद उसकी तबियत बिगड़ गई. एक अन्य शख्स की तबियत बिगड़ने पर उसे भी वेंटीलेटर पर रखा गया है.

सबने एक ही ब्रांड की शराब पी थी
बहरहाल इसके बाद खलबली से जूझ रही पुलिस ने जांच तेज कर दी और आबकारी विभाग को भी पत्र लिखा. पुलिस को फिलहाल विसरा रिपोर्ट नहीं मिली है. कुछ की पीएम रिपोर्ट का भी इंतजार है. पुलिस ने जब इस मामले में कड़ी दर कड़ी पूछताछ की तो एक बात निकल कर सामने आयी कि जिन भी लोगों की मौत हुई और उन सबने एर ही ब्रांड की शराब पी थी. इस पर शक गहराया और पुलिस ने जब बियर बार संचालकों से पूछताछ की तो यह स्पष्ट हुआ कि लाइसेंसी शराब सप्लाय के साथ दोनों ही जगह बाहर से भी कुछ माल खरीदा गया था. इससे आशंका गहरा गई कि शहर के आसपास किसी इलाके में नकली शराब बनाई जा रही है और फिर महंगे ब्रांड की बोतल में पैक कर बेचा जा रहा है.

एक ऑडियो हुआ था वायरल
बीते दिनों एक ऑडियो भी वायरल हुआ था जिसमें एक ढाबा संचालक कुछ युवकों को फोन कर कह रहा है कि किसी ने ऊपर से नकली और हल्का माल भेज दिया है. इसलिए शराब न पीयें. उसके एवज में पूर्व में दिए गए पैसे भी वापस करने का हवाला दिया. जबकि सामने से बात करने वाले युवकों ने कहा कि शराब पीने के बाद कुछ युवकों की हालत खराब हो गई है. उसके बाद ही आबकारी विभाग में हड़कप मच गया था. पुलिस अधीक्षक ने जब बार संचालकों से बात की और अन्य पीड़ित जो फिलहाल अस्पताल में भर्ती हैं उनके बयानों का जब निष्कर्ष निकाला तो यह स्पष्ट हुआ कि शहर में नकली शराब की खपत हो रही है. पुलिस अधीक्षक खुद शुक्रवार को उन बार में पहुंचे जहां शराब के सेवन के बाद युवकों की हालत बिगड़ी थी.

आसपास हो रहा है काला कारोबार
इंदौर पुलिस अधीक्षक महेश चंद जैन के मुताबिक़ बीते दिनों शराब पीने से युवकों की मौत की पड़ताल जारी है. मृतकों की फ़िलहाल विसरा रिपोर्ट नहीं मिली है. फिर भी शुरुआती पड़ताल में यह स्पष्ट हुआ है कि निम्न गुणवत्ता या नकली शराब का निर्माण आसपास के इलाकों में हुआ है. इसकी सप्लाय इंदौर और आसपास की जगह पर हो रही है. लिहाजा सभी को सतर्क रहने की आवश्यकता है. सस्ते के कारण बाहर से शराब न खरीदें, लाइसेंस धारक दुकानों से ही खरीदें. फिलहाल मामले में जांच कर दोषी तक भी पहुंचने की कोशिश की जा रही है.

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