10 प्रतिशत बिस्तरों को कोविड मरीजों हेतु आरक्षित करने के संबंध में निर्देश दिये , प्रत्येक ऑक्सीजन प्लांट पर तकनीकी विशेषज्ञ नियुक्त करना अनिवार्य – कलेक्टर श्री सिंह
Indore News. कलेक्टर मनीष सिंह के निर्देशन में जिला प्रशासन द्वारा कोरोना वायरस की आशंकित तीसरी लहर से जनसमुदाय की स्वास्थ्य सुरक्षा हेतु पुख्ता इंतजाम किये जा रहे है। इसी तारतम्य में श्री सिंह द्वारा विगत सप्ताह जारी किये गये आदेश के तहत 50 बिस्तरों से अधिक संख्या वाले समस्त अशासकीय चिकित्सालयों में न्यूनतम 10 प्रतिशत बिस्तरों को कोविड मरीजों हेतु आरक्षित करने के संबंध में निर्देश दिये गये थे। साथ ही जिले में स्थापित सभी शासकीय एवं निजी ऑक्सीजन प्लांट्स की कार्यक्षमता का भौतिक सत्यापन करने के लिए दल गठित किया गया था। कलेक्टर श्री सिंह द्वारा उक्त आदेश की अनुपालन स्थिति की समीक्षा करने के लिये प्रीतमलाल दुआ सभागृह में गठित किये दल के प्रभारी अधिकारियों तथा हॉस्पिटल संचालकों की बैठक ली गई। इस अवसर पर स्वास्थ्य अधिकारी तथा हॉस्पिटल संचालक उपस्थित रहे।
कलेक्टर श्री सिंह ने अस्पतालों में इनस्टॉल किये गये ऑक्सीजन प्लांट की कार्यक्षमता, ऑक्सीजन की गुणवत्ता आदि विषयों पर जानकारी ली। उन्होंने सभी हॉस्पिटल संचालकों को निर्देश दिये कि वे ऑक्सीजन प्लांट पर अनिवार्य रूप से तकनीकी विशेषज्ञ की नियुक्ति करें। साथ ही सभी प्लांट्स का वार्षिक रखरखाव अनुबंध (एएमसी) भी अवश्य करायें। उन्होंने कहा कि जिन भी अशासकीय अस्पतालों की बेड क्षमता 50 से अधिक है, उनको अनिवार्य रूप से न्यूनतम 10 प्रतिशत बेड कोरोना संक्रमित मरीजों के लिये आरक्षित करने होंगे। कलेक्टर श्नी सिंह ने निर्धारित समयावधि अंतर्गत ऑक्सीजन प्लांट इनस्टॉल कर कार्यशील नहीं करने पर ग्रेटर कैलाश अस्पताल, एप्पल अस्पताल एवं मयूर अस्पताल की भर्ती संख्या 75 प्रतिशत तक सीमित करने एवं संबंधित अस्पतालों की मेडिकल की दुकान बंद करने के निर्देश दिये। उन्होंने सभी प्रभारी अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे क्षेत्रीय जेडएमओ के साथ पुन: समस्त अस्पतालों में स्थापित ऑक्सीजन प्लांट्स का अवलोकन करे एवं जहां भी अनियमिताएं पायी जाती है उनके विरूद्ध कार्रवाई की जाये। कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि यदि कोरोना की तीसरी लहर आती है, तो हमे अभी से ही वायरस के रोकथाम के लिये सम्पूर्ण व्यवस्थाएं सुनिश्चित करनी होगी। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
कलेक्टर ने सभी शासकीय अस्पतालों में स्थापित ऑक्सीजन प्लांट, सामाजिक संगठनों की भागीदारी,जरूरी दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक, एम्बुलेंस की संख्या इत्यादि पर भी अधिकारियों को निर्देश दिए |