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Indore News – इंदौर के वार्ड का आरक्षण खतरे में, उच्च न्यायालय ने नोटिस जारी कर सरकार से जवाब मांगा

नगर निगम इंदौर के आरक्षित वार्डो में रोटेशन नही अपनाने पर माननीय उच्च न्यायालय ने  निर्वाचन आयोग और मध्यप्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा है

Indore News. इंदौर नगर निगम के 85 वार्डो में से अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के वार्डों के लिये कलेक्टर द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया अनुसार रोटेशन प्रक्रिया नहीं अपनाई जाने पर पूर्व पार्षद  दिलीप कौशल एवं युवा कांग्रेस प्रवक्ता जयेश गुरनानी द्वारा अधिवक्ता विभोर खंडेलवाल के माध्यम से लगाई गई याचिका पर उच्च न्यायालय इंदौर खंडपीठ न्यायमूर्ति विवेक रूसिया द्वारा सुनवाई करते हुए निर्वाचन आयोग सहित मध्यप्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा है |श्री कौशल एवं गुरनानी ने विगत दिनों कलेक्टर द्वारा वार्डो के आरक्षण की प्रक्रिया रोटेशन पदत्ति से नही किये जाने को लेकर निर्वाचन आयोग को संज्ञान दिया था इसके पूर्व उच्च न्यायालय ग्वालियर खंडपीठ ने भी  नगरीय निकाय चुनाव के लिए अपनाई गई आरक्षण की प्रक्रिया को स्थगित करके सरकार को नोटिस भी जारी किया है उक्त प्रकरण भी विचाराधीन है  इंदौर नगर निगम में 85 वार्ड है जिससे से 42 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित है तथा 85 वार्डो में से 3 वार्ड जनजाति तथा 9 वार्ड अनुसूचित जाति के लिये आरक्षित घोषित किये गये थे उक्त प्रक्रिया में रोटेशन पदत्ति का पालन नहीं किये जाने के कारण कांग्रेस ने  सवाल खड़े किये हैं उक्त याचिका के चलते यदि सरकार अनुसूचित जाति एव अनुसूचित जनजाति के वार्डो को रोटेशन पदत्ति से आरक्षित करती है तो सरकार को पुनः आरक्षण की प्रक्रिया अपनानी पड़ेगी जिससे 47 वार्ड  जिनमे अनुसूचित जाति के 24,26,35,36,47,54,18,30,45,46,59,61,76 तथा जनजाति के 75, 77, 79  प्रभावित हो सकते हैं |
रोटेशन प्रक्रिया के आभाव के कारण सामान्य धोषित किये गये  वार्डो में अधिकांश जनसंख्या आरक्षित वर्ग के नागरिकों की होने के बाद भी आरक्षित वर्ग के नागरिकों हेतु वार्ड सामान्य श्रेणी के लिए आरक्षित हो गये है
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