नोएडा। 31 अगस्त 2021 को आए सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद नोएडा के सेक्टर 93 ए स्थित सुपरटेक ट्विन टावर्स में रविवार को ब्लास्ट के लिए तय समय पर ही धमाका हुआ। इसके साथ ही कुछ ही सेकेंड में जमींदोज हु हो गई सुपरटेक ट्विन टावर की बिल्डिंग। तय समय पर सायरन बजने के साथ ही सुपरटेक ट्विन टावर की बिल्डिंग जमींदोज हो गई। दूर तक धमाके की आवाज के साथ धूल का गुबार भी फैल गया।
दोनों गगनचुंबी दोपहर में 2 बजकर 29 मिनट पर जमींदोज हो गईं। हर एक आंखें बेसब्री से इस खास वक्त के इंतजार में लगी हुई थीं। सायरन की आवाज के बीच अचानक से हर एक फ्लोर पर ब्लास्ट हुआ और ऊपर से लेकर नीचे तक दोनों ही इमारत भरभरा कर गिर गईं। इस तरह से देखते ही देखते भ्रष्टाचार की इमारत जमींदोज हो गई।
सुपरटेक के ट्विन टावर्स ध्वस्त होने के बाद धूल अगले तीन से चार दिनों तक लोगों को परेशान कर सकती है। इससे बचने के लिए बच्चों और बुजुर्गों को मास्क लगाने की जरूरत पड़ेगी। दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर विपुल सिंह नें बताया, इमारत गिरने के बाद दो तरह की धूल हवा में उड़ेगी। धूल के मोटे कण तुरंत जमीन पर गिर जाएंगे, लेकिन जो छोटे-छोटे कण होंगे वह हवा में लंबे वक्त तक रहेंगे क्यूंकि हवा भी चल रही है।
सुपरटेक ट्विन टावरों को गिराने के बाद आस-पास के क्षेत्र में धूल के बादल छा गए। ट्विन टावरों को गिराने के बाद आस पास जमे धूल को स्थिर करने के लिए पानी को स्प्रे करने के लिए एंटी-स्मॉग गन का इस्तेमाल किया जा रहा है। नोएडा की सीईओ ने बताया कि आस-पास की हाउसिंग सोसायटियों को कोई नुकसान नहीं हुआ है। अभी कुछ मलबा सड़क की तरफ आया है। हमें एक घंटे में स्थिति का बेहतर अंदाजा हो जाएगा।
नोएडा पुलिस आयुक्त ने कहा कि पूरे प्लान के साथ काम किया गया और टावर को गिराया गया। सुरक्षा के पूरे इंतज़ाम थे, जिस कारण से सब कुछ सही से हुआ। हम अवशेष और बचे हुए विस्फोटकों का आकलन करने के लिए साइट पर जा रहे हैं यदि वे वहां छोड़े गए हैं।
एपेक्स और सियान (ट्विन टावर) में टावर ढहाने वाली एडिफाइस एजेंसी ने करीब 3700 किलो विस्फोटक लगाया था। टावर कंट्रोल ब्लास्ट के जरिए ढहाए गए। मलबा आस-पास न बिखर कर सामने की तरफ गिरे इसके लिए ‘वाटरफॉल इम्पलोजन कोलैप्स मैकेनिज्म’ पर ब्लास्ट डिजाइन तैयार की गई थी। इसमें मलबा झरने की तरह निश्वित खाली पड़ी जगहों पर गिरा।
यह दोनों टावर ढहाए जाने हैं, इसकी चर्चा 31 अगस्त 2021 को आए सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शुरू हो गई थी। फिर बिल्डर की तरफ से दायर की गई रिव्यू याचिका खारिज होने के बाद तय हो गया था। टावर ढहाने से पहले एमराल्ड कोर्ट और एटीएस विलेज सोसायटी सुबह 7 बजे ही खाली करवा दी गई थी। इसके साथ ही सेक्टर-93 ए की तरफ आने वाले शहर के सभी रास्ते ट्रैफिक पुलिस ने बंद कर दिए थे। नोएडा-ग्रेनो एक्सप्रेस-वे पर भी टावर ढहने के 15 मिनट पहले करीब 2.15 बजे ट्रैफिक रोक दिया गया था।