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अवैध लेंडिंग ऐप्स पर सख्ती शुरू, केंद्र सरकार व आरबीआई ने गूगल से इन पर रोक लगाने को कहा

नई दिल्ली। अवैध लेंडिंग ऐप्स पर केंद्र सरकार ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। सूत्रों के अनुसार दिग्गज टेक कंपनी गूगल को केंद्र सरकार और केंद्रीय बैंक द्वारा भारत में अवैध डिजिटल लेंडिंग के उपयोग को रोकने में मदद करने के लिए और अधिक कड़े उपाय पेश करने के लिए कहा गया है।
 गूगल भले ही भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के दायरे में नहीं आता, लेकिन पिछले कुछ महीनों में केंद्रीय बैंक और भारत सरकार ने बैठकों में गूगल को कई बार बुलाकर सख्त प्रावधान करने का आग्रह किया गया है, जिससे ऐसे ऐप्स को ऑपरेट करने से रोका जा सके।
रेगुलेटर ने पहले ही कर्ज देने वाले संस्थाओं से अवैध लेंडिंग ऐप्स के खिलाफ जांच करने के लिए कहा था महामारी के दौरान ऐसे गैरकानूनी डिजिटल लेंडिंग ऐप काफी लोकप्रिय हो गए थे।
ये गैरकानूनी डिजिटल लेंडिंग ऐप ऊंची ब्याज दरों पर लोगों को कर्ज उपलब्ध कराते हैं। कर्ज समय पर नहीं चुकाने वालों से गैरकानूनी रास्ता अपनाकर उनसे वसूली करते हैं। गूगल ने पिछले साल फाइनेंशियल सर्विसेज ऐप्स के लिए प्ले स्टोर डेवलपर प्रोग्राम पॉलिसी को संशोधित किया था।
सितंबर 2021 से प्रभावी पॉलिसी में टेक दिग्गज भारत में पर्सनल लोन ऐप्स के लिए अतिरिक्त जानकारियां उपलब्ध कराने को जरूरी कर दिया था।
गूगल के प्रवक्ता के मुताबिक, पॉलिसी का उल्लंघन करने को लेकर गूगल ने अपने प्ले स्टोर से भारत से जुड़े 2,000 से अधिक पर्सनल लोन ऐप को प्ले स्टोर से हटा दिया है। भारतीय रिजर्व बैंक चाहता है ऐप स्टोर पर मौजूद सभी लेंडिंग ऐप रेग्युलेटेड एजेंसियों से मान्यता प्राप्त हो। गूगल को अन्य डिस्ट्रीब्यूटर चैनलों जैसे वेबसाइटों और डाउनलोड के अन्य माध्यमों के माध्यम के जरिए भी ऐसे ऐप्स के पनपने से रोकने खातिर कदम उठाने को कहा गया है।
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