Indore Crime News – पोर्न मूवी दिखा कर महिला से अप्राकृतिक कृत्य करने वाले रंगशाही को नहीं मिली अग्रिम जमानत 

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Indore Crime News. लंबे समय से फरार आबकारी अधिकारी विनय रंगशाही की जमानत जिला कोर्ट ने खारिज कर दी गई है। 2 माह पूर्व आबकारी अधिकारी पर महिला द्वारा भंवरकुआं थाने पर सास-ससुर और पति पर दहेज प्रताड़ना का मामला भी दर्ज कराया था। मामले को लेकर आरोपी रंगशाही ने अग्रिम जमानत के लिए जिला कोर्ट में आवेदन दिया था जिसे कोर्ट द्वारा खारिज कर दिया गया है। मामले में लोक अभियोजक विमल कुमार मिश्रा ने बताया कि आरोपी विनय रंगशाही द्वारा जिला कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया था। लेकिन पीड़ित पक्ष व सभी को ध्यान में रखते हुए अग्रिम जमानत का आवेदन खारिज कर दिया गया है।

फरियादी पक्ष का आरोप था कि विनय के पिता अशोक रंगशाही पूर्व डीएसपी हैं। उन्होंने पुलिस से सांठगांठ कर रखी है, इसलिए उसकी गिरफ्तारी नहीं हो पा रही है। रंगशाही पक्ष का आरोप है कि पैसा वसूली और ब्लैकमेल करने के लिए शराब ठेकेदारों के साथ मिलकर झूठी रिपोर्ट लिखवाई है। मामले में रंगशाही की आबकारी आयुक्त से शिकायत हुई थी। लेकिन इसी बीच रंगशाही का तबादला अलीराजपुर से उज्जैन संभाग उड़नदस्ते में कर दिया। सूत्रों के अनुसार फरारी में भी रंगशाही इंदौर आ-जा रहा है।

यह था मामला –

26 जून को इंदौर के भवर कुआं थाना क्षेत्र में आबकारी अधिकारी विनय रंगशाही के खिलाफ उनकी पत्नी ने दहेज प्रताड़ना सहित कई गंभीर आरोप लगाते हुए एफ.आई.आर दर्ज कराई थी। लगभग 1 माह बीत जाने के बाद भी रंग शाही की गिरफ्तारी नही हो सकती जिसके बाद पीडिता ने कुछ पूर्व आईजी हरिनारायण चारी मिश्र को अपनी पीड़ा बताते हुए कार्रवाई करने का आवेदन दिया था। जिसके बाद आबकारी विभाग के अधिकारी विनय रंगशाही कई दिनों से चल रहे घटनाक्रम में पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय में ज्ञापन दिया और खुद का पक्ष रखा। साथ ही महिला पर कूट दस्तावेज प्रस्तुत करने का भी आरोप लगाया। रंगशाही द्वारा पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय में ज्ञापन दिया गया, जिसमें रंगशाही ने बताया कि उक्त महिला से विनय ने कभी कोई विवाह नहीं किया। साथ ही विनय ने ज्ञापन में कहा कि महिला द्वारा प्रस्तुत किए गए दस्तावेज सभी फर्जी है और उनकी जांच होनी चाहिए।

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।