Indore News – पीडब्ल्यूडी विभाग नहीं कर पाया अभी तक आंखों के अस्पताल का काम पूरा

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
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पलासिया के पास हॉस्पिटल का प्रोजेक्ट रह गया अधूरा वर्ष 2018 में हुई थी शुरुआत और 2020 तक भी नहीं बन पाया

Indore News. इंदौर में वर्ष 2018 में पलासिया क्षेत्र में आंखों का हॉस्पिटल का काम करना था लेकिन जिस आंखों की रोशनी के लिए लोग परेशान हो रहे हैं। वह हास्पिटल अभी तक लोक निर्माण विभाग नहीं बना पाया दरअसल यहां पर एक हॉस्पिटल का निर्माण वर्ष 2018 में शुरू हुआ था लेकिन 2021 बीतने को है फिर भी हॉस्पिटल का काम चल रहा है। बताया जाता है कि पलासिया आदर्श रोड पर बन रहे आंखों के सरकारी हॉस्पिटल का काम वैसे तो डेढ़ साल में पूरा करना था लेकिन पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों की लापरवाही कहें या फिर कोरोना महामारी के चलते देरी हो गई है। इसके साथ ही यहां पर अभी तक कोई काम नहीं हो पाया है। दरअसल कल्याणमल नर्सिंग होम के पास ही 20 करोड रुपए की लागत से तैयार रहे जी प्लस टू आंखों हो के अस्पताल का काम पूरा होना था परंतु इतना समय बीत जाने के बावजूद आधा काम मुश्किल हो पाया है जबकि यहां पर विनिंग से लेकर कई काम होना है। वह अभी तक नहीं हो पाया है। दूसरी ओर पुराने कल्याण नर्सिंग होम के रिनोवेशन का काम साल भर में पूरा हो जाना था परंतु वह भी धीमी रफ्तार के चलते पूरा नहीं हो पाया है अब कहीं जाकर काम होगा। इधर आंखों के हॉस्पिटल के लिए तमाम प्रयासों के बावजूद अभी तक काम नहीं हो पाया है।

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।