Indore News – इंदौर में वकीलों के लिए रेडियो फ्रीक्वेंसी कार्ड बनेंगे, उसी से मिलेगा कोर्ट में प्रवेश

By
sadbhawnapaati
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
2 Min Read

पूरे प्रदेश के न्यायालयों में पहचान प्रबंधन सिस्टम लागू होगा

Indore News. दिल्ली की रोहिणी कोर्ट में जज के कक्ष में घुसकर गोलीबारी की घटना के बाद अब वकील और कोर्ट कर्मचारियों के लिए परिसर में प्रवेश के नियम बदले जाएंगे। कोर्ट परिसर के गेट पर रेडियो फ्रीक्वेंसी आधारित कार्ड दिखाने के बाद ही प्रवेश मिलेगा। पहचान प्रबंधन सिस्टम (आइडेंटिटी मैनेजमेंट सिस्टम) के तहत हर वकील से उसकी व्यक्तिगत जानकारी लेकर कार्ड जारी किया जाएगा। मशीन के सामने कार्ड दिखाने के बाद ही प्रवेश मिलेगा। कर्मचारियों के लिए भी यही व्यवस्था रहेगी। जबलपुर हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस मोहम्मद रफीक ने यह निर्णय चीफ जस्टिस की अध्यक्षता में गठित कमेटी के सुझाव वाद लिया है। चीफ जस्टिस ने रेडियो फ्रीक्वेंसी कार्ड को सुरक्षा की दृष्टि से जरूरी बताया। इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा।
आईडी कार्ड के बिना प्रवेश नहीं
. गेट पर सेंसर से कार्ड की जांच होगी। रेडियो फ्रीक्वेंसी आईडी कार्ड धारक व्यक्ति का प्रवेश निर्वाध हो सकेगा।
• अधिवक्ताओं के वाहनों के प्रवेश के लिए भी रेडियो फ्रीक्वेंसी आईडी कार्ड जारी किए जाएंगे।
• एक अधिवक्ता को पूरे प्रदेश के न्यायालयों में प्रवेश के लिए एक ही कार्ड जारी किया जाएगा।
प्रदेश में 10 हजार से ज्यादा कार्ड सिर्फ इंदौर के लिए बनाना होंगे
इंदौर के लिए ही 10 हजार कार्ड की आवश्यकता होगी। हाई कोर्ट में ही रोजाना एक हजार से ज्यादा वकील आते हैं, जबकि 8 से 9 हजार वकील जिला कोर्ट, फैमिली कोर्ट, लेबर कोर्ट में जाते हैं।
Share This Article
Follow:
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।