Indore News – देशभर में करीब 40 हज़ार जूनियर डाक्टरों की सांकेतिक हड़ताल से सैकड़ों मरीज परेशान, इंदौर के भी 200 जूनियर डाक्टर शामिल

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
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ओबीसी आरक्षण मामले की सुनवाई बार-बार आगे बढ़ने से आरक्षण कोटा तय नहीं हो पा रहा है। में इस कारण इंदौर सहित सारे देश में एंट्रेंस एक्जाम के बावजूद रेसीडेंट डॉक्टर्स संबंधी काउंसलिंग व नई भर्ती से जुड़ा सारा सिस्टम जनवरी 2021 से ठप्प पड़ा है। इस वजह से सेवारत जूनियर डाक्टरों पर जंहा अतिरिक्त काम करना पड़ रहा है।
इस वजह से आज सारे देश के 40,000 जूनियर डाक्टरो ने ओपीडी में 5 घण्टे की हड़ताल की। हड़ताल का समर्थन महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज इंदौर के जूनियर डाक्टरों ने भी किया •जिससे एमवाय अस्पताल की न्यू ओपीडी में सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक सैंकड़ों मरीज परेशान हुए।
न्यू ओपीडी में प्रतिदिन 40 जूनियर ड्यूटी पर रहते हैं। यह हड़ताल कितने दिन चलेगी इस मामले में जूनियर डाक्टरो का कहना है कि यह हमारी मांगो पर निर्णय लेने वाली केन्द्र सरकार के रुख पर तय करेगा।
जूडा के अध्यक्ष डाक्टर पीयूष बघेल ने बताया कि सरकार के उदासीन रवैये के कारण आरक्षण मामले में हर बार सुनवाई आगे बढ़ती जा रही है। इस वजह से आरक्षण वर्ग का कोटा तय नही होने से काउंसलिंग टलती जा रही है।
इसी वजह से हमने सरकार का ध्यान आकर्षण करने के लिए सांकेतिक हड़ताल शुरू की है। अभी न्यू ओपीडी के सिर्फ 200 जूनियर डाक्टर शामिल हैं। यदि इस विषय में सरकार की तरफ सकारत्मक पहल नही हुई तो, सारे 400 जूनियर डाक्टर हड़ताल में शामिल होंगे।
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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।