भर्ती सत्याग्रह आंदोलन में सहभागिता कर नेट, सेट, पीएचडी धारियों ने की असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती की मांग  

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Indore News। राष्ट्रीय शिक्षित युवा संघ के बैनर तले किए जा रहे भर्ती सत्याग्रह के पांचवे दिन रविवार को विशाल रैली में नेट, सेट, पीएचडी धारियों ने अपनी सहभागिता करते हुए शीघ्र सहायक प्राध्यापक (असिस्टेंट प्रोफेसर) भर्ती 2022 हेतु विज्ञप्ति जारी कराने की मांग की। ज्ञात हो कि पिछले कई वर्षों से प्रदेश के शासकीय कॉलेजों में स्थाई असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्तियां नहीं हुई है, जबकि प्रदेश में हजारों नेट/सेट एवं पीएचडी धारी शिक्षित युवा बेरोजगार घूम रहे हैं।

कई दिनों से उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव भी स्थाई असिस्टेंट प्रोफेसर की बात कर रहे हैं परंतु अभी तक विज्ञप्ति जारी ना होने से आक्रोशित अभ्यर्थियों ने जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। साथ ही चेतावनी दी है कि अगर जल्द से जल्द विज्ञप्ति जारी नहीं होती है तब बहुत जल्द भोपाल पहुंचकर उच्च शिक्षा मंत्री एवं मुख्यमंत्री के बंगले का घेराव किया जाएगा।

नेट/सेट/पीएचडी संघ की ओर से डॉ. घनश्याम गेंडाम ने प्रेस नोट जारी कर बताया कि एक तरफ शासन नई शिक्षा नीति 2020 लागू कर रहा है और दूसरी तरफ अतिथि विद्वानों से शासकीय कॉलेजों में अध्यापन कार्य कराया जा रहा है। ज्ञापन पत्र में अधिकतम रिक्त पदों पर स्थाई असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के साथ-साथ प्रदेश के मूल निवासियों को पहली प्राथमिकता दिलाने की मांग भी की गई है।

रैली एवं प्रदर्शन में प्रमुख रूप से – रंजीत गौर, डॉ. देवेन्द्र बघेल, डॉ.अंकुर नाविक, जितेंद्र रावत, विनोद चौहान, बाबूलाल, प्रिया गौर, गोल्डी चौहान, डॉ. बिरज मुवेल, डॉ. संगीता कनेशन्य आदि शामिल हुए।
25 सितंबर की रैली में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती की मांगों के अलावा स्थाई शिक्षक भर्ती, पटवारी, पुलिस एवं अन्य सभी प्रकार की भर्तियों के लिए अभ्यर्थियों ने एकजुटता दिखाते हुए हजारों की संख्या में पहुंच कर पैदल मार्च करते हुए शासन प्रशासन को जगाने की कोशिश की।

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।