ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार वर्तमान ग्रह स्थिति अमेरिका के लिए चुनौतीपूर्ण समय का संकेत दे रही है। राहु-बुध की युति, मंगल के प्रभाव और शतभिषा नक्षत्र की स्थिति के कारण ट्रम्प की राजनीतिक स्थिति कमजोर पड़ने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका की योजनाएं विफल होने के योग बन रहे हैं।
ज्योतिषाचार्य, श्री विनोद जैन (प्रभु)
वर्तमान समय में ग्रह – नक्षत्रों की चाल विश्व राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत दे रही है। ज्योतिषीय दृष्टि से राहु-बुध की युति, मंगल ग्रह का प्रभाव, शतभिषा नक्षत्र तथा कुंभ राशि की स्थिति के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनावपूर्ण परिस्थितियाँ बन सकती हैं। इन ग्रह स्थितियों का प्रभाव विशेष रूप से अमेरिका पर दिखाई देता है, जिसके कारण आने वाला समय अमेरिका के लिए मुसीबत भरा साबित हो सकता है।
ग्रहों की वर्तमान चाल यह संकेत देती है कि अमेरिका में ट्रम्प की राजनीतिक स्थिति कमजोर पड़ने के योग बन रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे संघर्षों और नीतियों में ट्रम्प को अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकती और ऐसे संकेत भी मिल रहे हैं कि मौजूदा परिस्थितियों में ट्रंप इस संघर्ष या युद्ध जैसी स्थिति में पराजित होते दिखाई दे सकते हैं। ग्रहों की चाल अमेरिका की रणनीतियों को कमजोर करने वाली स्थिति बना सकती है।
ज्योतिषीय संकेत यह भी दर्शाते हैं कि आने वाले समय में ईरान अमेरिका की कई योजनाओं को विफल कर सकता है, जिससे अमेरिका के नेतृत्व को बड़ा झटका लग सकता है और ट्रंप के अहंकार को भी आघात पहुंचने की संभावना है। वर्तमान ग्रह स्थिति के अनुसार विश्व में उत्पन्न हो रहे तनावपूर्ण हालात में अमेरिका और ट्रंप की नीतियाँ विश्व को संकट की ओर ले जाने वाली परिस्थितियाँ भी बना सकती हैं।
वहीं दूसरी ओर गुरु ग्रह के मार्गी होने से भारत के लिए अपेक्षाकृत राहत और संतुलन के संकेत मिल रहे हैं। भारत के लग्न के द्वितीय भाव तथा चंद्र कुंडली के बारहवें भाव से गुरु ग्रह के मार्गी होने के कारण यह संकेत मिलते हैं कि देश को बड़े नुकसान से बचाने की संभावना रहेगी। आने वाली चुनौतियों का सामना भारत बेहतर तैयारी और समझदारी के साथ कर सकता है।
ज्योतिषीय दृष्टि से यह भी संकेत मिलते हैं कि भारत के प्रधानमंत्री और उनके बुद्धिशील सहयोगियों के नेतृत्व में देश कठिन परिस्थितियों को संभालने में सफल हो सकता है। इसके साथ ही भविष्य में भारत विश्व को शांति और संतुलन का मार्ग दिखाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
यह लेख वर्तमान ग्रह गोचर और आकाशीय ग्रह-नक्षत्रों की गणनाओं पर आधारित है।
ॐ नमः


