मोहित करने वाली रही येलहंका एयर बेस पर डॉर्नियर विमान बेड़े की ‘एलीफैंट वॉक’

Dr Rajesh Jauhri
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drrajesh
Dr Rajesh Jauhri is a Journalist with experience of 25 years in Indian and foreign media, Social Scientist, Accomplished Author, Political & Strategic Analyst, Rifle &...
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भारतीय वायुसेना ने गुजरात के येलहंका एयर फोर्स स्टेशन पर अपने डॉर्नियर-228 विमान बेड़े का प्रभावशाली ‘एलीफेंट वॉक’ कर ऑपरेशनल तत्परता और रखरखाव क्षमता का जीवंत प्रदर्शन किया। यह सैन्य विमानन की वह विशिष्ट पद्धति है जिसमें कई विमान रनवे पर सघन संरचना में टैक्सी करते हुए अधिकतम सॉर्टी उत्पन्न करने की क्षमता प्रदर्शित करते हैं। प्रशिक्षण कमान द्वारा साझा किए गए दृश्यों में विमानों द्वारा सुव्यवस्थित रूप से आगे बढ़ती चाल ने उपस्थित सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।

मध्य-पूर्व में जारी संकट और भारत की पश्चिमी सीमाओं पर अस्थिरता के बीच यह प्रदर्शन मात्र एक अभ्यास नहीं, बल्कि एक जबरदस्त रणनीतिक संदेश भी है। ‘बलं च बुद्धिश्च’ के आदर्श के अनुरूप शक्ति और बुद्धि का समन्वय यहाँ स्पष्ट दिखाई दिया। रखरखाव दल और एयरक्रू के बीच निर्बाध समन्वय ने यह सिद्ध किया कि भारतीय वायुसेना किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए सदैव तैयार रहती है। डॉर्नियर-228 बहुउद्देशीय हल्के परिवहन विमान के रूप में प्रशिक्षण, समुद्री निगरानी और लॉजिस्टिक समर्थन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

गुजरात क्षेत्र के रक्षा जनसंपर्क अधिकारी द्वारा साझा किए गए वीडियो और समाचार सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हुए। लोगों और संगठनों ने इसे व्यापक रूप से साझा कर वायुसेना की व्यावसायिकता की सराहना की। यह जनसमर्थन ही सशस्त्र बलों की वास्तविक शक्ति का आधार है।

ऐसे प्रदर्शन न केवल आंतरिक विश्वास बढ़ाते हैं, बल्कि संभावित चुनौतियों के सामने राष्ट्र की दृढ़ इच्छाशक्ति का संकेत भी देते हैं। भारतीय वायुसेना का यह कदम स्पष्ट करता है कि सीमाओं की सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए वह निरंतर सजग और सक्षम है। ‘रक्षा संवाद’ के इस स्तंभ में यह घटना याद दिलाती है कि शांति के समय में भी तत्परता बनाए रखना ही सच्ची रणनीति है।

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Dr Rajesh Jauhri is a Journalist with experience of 25 years in Indian and foreign media, Social Scientist, Accomplished Author, Political & Strategic Analyst, Rifle & Pistol Shooter, Orator, Thinker and Educationist. He holds Ph.D. degree on “Impact of colonial heritage on Indian police”. He is a national-level sportsperson, won titles in badminton, rifle and pistol shooting and at state-level in archery. Runs NGO for social, economic uplift of tribal communities in MP and two decades back, established a school in Kodariya village of Indore to provide education and moral values to children belonging to tribal, minority families