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कांग्रेस हुई हमलावर – अयोध्या भूमि घोटाले में बीजेपी नेताओं का हाथ, सुप्रीम कोर्ट ले संज्ञान, पीएम मोदी से भी चुप्पी तोड़ने की मांग 

नई दिल्ली। कांग्रेस ने उच्चतम न्यायालय से अयोध्या में कथित भूमि घोटाले का स्वत: संज्ञान लेने का अनुरोध किया है। साथ ही कांग्रेस ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी चुप्पी तोड़ने की मांग की है। कांग्रेस ने यह मांग तब की है जब अयोध्या विकास प्राधिकरण ने अवैध रूप से भूखंड बेचने और उन पर निर्माण कार्य कराने वाले 40 लोगों की सूची जारी की है।
इसमें शहर के मेयर, एक स्थानीय भाजपा विधायक और पार्टी के एक पूर्व विधायक का भी नाम शामिल है। इसके बाद सोमवार को कांग्रेस ने कहा कि सर्वोच्च अदालत को इसका संज्ञान लेना चाहिए जिससे कि जमीन के नाम पर लूट बंद हो।
कांग्रेस ने साधा निशाना
इस ममामले में सोमवार को कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने हिंदी में एक ट्वीट में कहा, ‘मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के नाम पर भाजपा घोटाला। गृह मंत्री अमित शाह इस पर चुप क्यों हैं?’
वहीं, उनके अलावा कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय में आरोप लगाया कि अयोध्या में बहुत बड़ा संपत्ति घोटाला हो रहा है। हम जून 2021 से ऐसा कह रहे हैं कि अयोध्या में भूमि घोटाला हो रहा है। उन्होंने कहा कि आज भाजपा को भी मानना पड़ रहा है कि उसके नेता, विधायक, महापौर घोटाले में शामिल हैं।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि भगवान राम के नाम पर अवैध ज़मीन खरीदने -बेचने के घोटाले में अयोध्या विकास प्राधिकरण ने 40 लोगों की सूची जारी की है, जिसमें भाजपा के विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, मेयर ऋषिकेश उपाध्याय, पूर्व विधायक गोरखनाथ का नाम भी शामिल हैं।
ये दान से चोरी करने जैसा
उन्होंने आगे कहा कि सिर्फ भाजपा विधायकों और नेताओं ने ही लूट नहीं मचाई है बल्कि उत्तर प्रदेश सरकार के कई अधिकारी भी इसमें शामिल हैं, जिनके रिश्तेदारों ने वहां जमीन खरीदी है। उन्होंने कहा कि लोगों ने विश्वास के लिए दान दिया, लेकिन जब उनके पैसे से इस तरह खेला होता है तो यह उस दान से चोरी करने जैसा होता है।
पीएम तोड़ें अपनी चुप्पी
उन्होंने कहा कि भूमि घोटाले की एकमात्र जांच जिला मजिस्ट्रेट स्तर पर हो रही है। डीएम, विधायक, पूर्व विधायक, यूपी सरकार के मंत्रियों की जांच कैसे कर सकते हैं। कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने इस मामले पर प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री शाह की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे अपनी चुप्पी क्यों नहीं तोड़ रहे हैं, खासकर जब यह पता चला है कि आपकी पार्टी के सदस्य अयोध्या जैसी जगह पर भूमि घोटाले में शामिल हैं, जहां राम मंदिर का निर्माण हो रहा है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को उम्मीद है कि प्रधानमंत्री मोदी अपनी चुप्पी तोड़ेंगे। इस दौरान उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से इस मामले पर स्वत: संज्ञान लेने और इन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह भी किया।
मेयर और विधायक ने सूची में किया गड़बड़़ी का दावा
वहीं, महापौर ऋषिकेश उपाध्याय और विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने प्राधिकरण द्वारा जारी कथित अपराधियों की सूची में कथित गड़बड़ी का दावा किया है।
गौरतलब है कि इस साल की शुरुआत में हुए विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में विपक्षी दलों ने अयोध्या में जमीन की कथित अवैध खरीद और बिक्री का मुद्दा उठाया था। इसके बाद स्थानीय सांसद लल्लू सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर विशेष जांच दल से जांच कराने की मांग की थी।
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