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सहायक प्राध्यापक भर्ती में प्रदेश के मूल निवासियों को प्राथमिकता दिलाने की मांग, मुख्यमंत्री को सौंपा गया ज्ञापन

भोपाल – मंगलवार को  ‘बाबूलाल गौर शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय’ के नवीन भवन के लोकार्पण एवं नामकरण कार्यक्रम के दौरान नेट/सेट,पीएचडी धारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को प्रदेश में शीघ्र सहायक प्राध्यापक भर्ती हेतु विज्ञप्ति जारी कराने के संदर्भ में ज्ञापन पत्र सौंपा है, ज्ञापन में प्रमुख रूप से प्रदेश के मूल निवासियों को पहली प्राथमिकता दिलाने की मांग की गई है !
वही पिछले 3 वर्षों के बाद नवीनतम आवेदकों के लिए अतिथि विद्वान भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है जिसमें बाहरी अभ्यर्थियों के भी आवेदन लिए जा रहे हैं, स्थानीय उम्मीदवारों की मांग है कि अतिथि विद्वान भर्ती में भी पहली प्राथमिकता प्रदेश के मूल निवासियों की होना चाहिए, बाहरी अभ्यार्थियों को अतिथि विद्वान भर्ती प्रक्रिया से बाहर रखना चाहिए जिससे कि प्रदेश के युवाओं को रोज़गार मिल सके.
ज्ञापन पत्र सौंपने वाले घनश्याम गेडाम एवं रंजीत गौर सहित अन्य अभ्यार्थियों के अनुसार अन्य राज्यों द्वारा सहायक प्राध्यापक भर्ती में बाहरी अभ्यर्थियों के लिए कोटा निर्धारित किया जाता है परंतु मध्यप्रदेश में कोई कोटा निर्धारित नहीं किया गया है जिससे प्रदेश के शिक्षित बेरोज़गारों के अधिकारों का हनन हो रहा है !
ज्ञात हो कि पिछले कई वर्षों से प्रदेश के शासकीय कॉलेजों में स्थाई असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्तियां नहीं हुई है जबकि प्रदेश में हजारों नेट,सेट एवं पीएचडी धारी शिक्षित युवा बेरोज़गार घूम रहे हैं.
  पिछले दिनों इंदौर एवं उज्जैन में उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव को भी ज्ञापन पत्र सौंपा गया था तब  मंत्री जी ने आश्वासन दिया था कि बहुत जल्द सहायक अध्यापक की भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी परंतु अभी तक विज्ञप्ति ना आने से प्रदेश के उच्च शिक्षित बेरोजगार आक्रोशित दिखाई दे रहे हैं.
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