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शहर में दम तोड़ती ट्रैफिक व्यवस्था……कैमरे की नजर में ट्रैफिक, पुलिस बेफिक्र

Indore News in Hindi। शहर में ऐसे कई चौराहे है जहां हर वक्त जोखिम की आशंका बनी रहती है। शहर में स्कैन के दौरान कई ऐसे दृश्य भी सामने आए जो जिम्मेदार विभाग की लापरवाही दर्शा रहे थे। कहीं रोड, चौराहे की खामियों की वजह से ट्रैफिक व्यवस्था दम तोड़ते दिखी, तो कहीं पुलिसकर्मी ही नदारद रहें।

गटार चौराहा
गिटार चौराहा भी शहर के व्यस्ततम चौराहे में से एक है। चौराहे पर हाल ही में अस्थाई सिग्नल लगा है। रविवार को सर्विलांस के लिए लगाए गए कैमरा फुटेज पर नजर दौड़ाए तो यहां हर वक्त दुर्घटना की आशंका रहती है। आनंद बाजार से आने वाले वाहन चौराहे पर पहुंचते ही जेब्रा क्रॉङ्क्षसग पर खड़े हो जाते है। पैदल चौराहा क्रॉस करना मुश्किल हो जाता है।

सत्यसाईं चौराहा
अन्य चौराहे की अपेक्षा चौराहा अधिक चौड़ा है, लेकिन यहां उतनी ही अव्यवस्था है। विजय नगर से आने वाले वाहनों के लिए लेफ्ट टर्न कठिन है। चौराहे पर सभी दिशाओं से आने वाले वाहन सिग्नल होने के बावजूद आमने सामने होते रहते है। चौराहे की लंबाई अधिक होने से अधिकांश वाहन सिग्नल बंद होने के पूर्व तेजी से चौराहा क्रॉस करने का प्रयास करते है।

विजय नगर चौराहा
विजय नगर चौराहे पर ट्रैफिक का दबाव है। मेट्रो प्रोजेक्ट के तहत निर्माण जारी है। चौराहे पर एमआर-10, सत्यसांई चौराहा, रेडिसन चौराहा और एमआईजी से ट्रैफिक आता है। रोटरी में गड्ढे में काम चल रहा है। कुछ ही दूरी से वाहन भी गुजर रहे है। जेब्रा क्रॉङ्क्षसग बनी है। जिसे चालक सत्यसांई की तरफ से आने वाले वाहन यूटर्न के लिए इस्तेमाल कर रहे है।

मेघदूत तिराहा
तिराहे पर हर वक्त दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। यहां पर जेब्रा क्रॉङ्क्षसग मिट गई है। पैदल चलने वाले भी डर कर रोड क्रॉस करते है। विजय नगर से स्कीम 54 की तरफ से आने वाहन बापट चौराहे से आने वाले वाहन से टकराने की स्थिति में रहते है। तिराहे पर कई खामियां है। वाहन की गति पर रोक लगाने के लिए स्पीड ब्रेकर और सिग्नल नहीं है।

बॉम्बे हॉस्पिटल चौराहा
यहां भारी वाहन भी अधिक संख्या में पहुंचते है। रेडिसन चौराहे से चलकर आने वाले वाहनों को मुख्य लाइन से लेफ्ट टर्न के लिए मशक्कत करनी पड़ती है। वहीं सर्विस रोड पर जाने के लिए कोई भी वाहन बगैर रोटरी घुमे सीधे पहुंच जाता है। ऐसे में वाहन टकराने की आशंका बनी रहती है। वहीं यूटर्न के लिए वाहन चालक जेब्रा क्रॉङ्क्षसग से होकर निकलते है।

बापट चौराहा के समीप
एमआर-10 पर मेट्रो प्रोजेक्ट कार्य के तहत बैरिकेड्स लगाए गए है। तिराहे पर बापट चौराहे की तरफ से आने वाले वाहन तेजी से आते है। ऐसे में कॉलोनी से निकलकर तिराहे पर पहुंचने वाले वाहन के दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। स्पीड ब्रेकर की जरूरत है, तिराहे पर कई खाङ्क्षमया है। लोगों की माने तो इस वजह से यहां भी आए दिन दुर्घटनाएं होती है।

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