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Health News – बड़ी खबर, Covovax, Corbevax, Molnupiravir को मिली मंजूरी, टीकाकरण की रफ्तार होगी तेज

देश मे टीकाकरण को रफ्तार देने के लिए दो और कोरोना वैक्सीन और एक कोरोना की टैबलेट को आज केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) से आपात मंजूरी मिल गई है. बता दें कि केन्द्रीय औषधि प्राधिकरण की एक विषय विशेषज्ञ समिति (Subject Expert Committee) ने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (Serum Institute of India,SII) के कोविड टीके कोवोवैक्स (Covovax) और बायोलॉजिकल ई कंपनी के टीके कोर्बेवैक्स (Corbevax) को और एंटीवायरल दवा (Anti-viral drug Molnupiravir) को अपनी मंजूरी दे दी है. इसकी जानकारी देते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुर मांडविया ने बताया कि इन दो टीकों और दवा को मंजूरी दे दी गई है. इसके बाद टीकाकरण की रफ्तार और तेज हो जाएगी.
बता दें कि केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन को एसइसी ने कुछ शर्तों के साथ आपात स्थिति में उपयोग की अनुमति देने की सिफारिश की थी. इन दोनों टीकों के लिए सभी सिफारिशों को अंतिम मंजूरी के लिए भारत के औषधि महानियंत्रक (DCGI) के पास भेजा गया था जिसे मंजूर कर लिया गया है.
अक्टूबर में ही सीरम इंस्टीच्यूट ने दिया था आवेदन
सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया में सरकारी और नियामक मामलों के निदेशक प्रकाश कुमार सिंह ने अक्टूबर में भारत औषधि नियंत्रक को एक आवेदन दिया था, जिसमें आपातकालीन स्थितियों में कोवोवैक्स के सीमित उपयोग के लिए विपणन अनुमति प्रदान करने का अनुरोध किया गया था.
इसके अलावा केन्द्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) की कोविड-19 पर विषय विशेषज्ञ समिति (Subject Expert Committee) ने सोमवार को देश में कोविड की दवा मोलनुपीराविर (molanupiravir) की आपात स्थिति में नियंत्रित उपयोग की सिफारिश की थी. आपात स्थिति में दवा का उपयोग कोविड-19 के वयस्क मरीजों पर ‘एसपीओ2’ 93 प्रतिशत के साथ किया जा सकेगा और उन मरीजों को ये दवा दी जा सकेगी, जिनको बीमारी से बहुत ज्यादा खतरा हो.
मोलनुपीराविर को भी मिली मंजूरी
डॉ रेड्डीज लैब ने सिपला, मिलान, टोरेंट, एमक्योर और सन फार्मा के साथ मिलकर आपात स्थिति में मोलनुपीराविर (molanupiravir)के उपयोग की अनुमति देने का अनुरोध किया थी. उन्होंने इसके साथ सभी जरूरी दस्तावेज और परीक्षणों के परिणाम आदि को भी शामिल किया था. बता दें कि कोविड-19 की आपात स्थिति और मेडिकल जरूरतों को ध्यान में रखते हुए समिति ने देश में आपात स्थिति में मोलनुपीराविर के नियंत्रित उपयोग के लिए दवा के उत्पादन और बिक्री की अनुमति देने की सिफारिश की थी.
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