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मोबाइल ऐप लोन के चलते परिवार की मौत’ के मामले में गृहमंत्री ने दिए विस्तृत जांच के निर्देश,साइबर सेल कसेगी शिकंजा

इंदौर। मध्यप्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बुधवार को कहा कि साइबर पुलिस से विस्तृत जांच कराते हुए पता लगाया जाएगा कि राज्य में मोबाइल ऐप से कर्ज बांटने वाली कंपनियां उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन कर रही हैं या नहीं। मिश्रा ने इंदौर के एक पेशेवर द्वारा अलग-अलग मोबाइल ऐप के कर्ज के जाल में फंसने के चलते अपनी पत्नी और दो छोटे बच्चों को संदिग्ध तौर पर जहर देने और इसके बाद फांसी लगाकर कथित रूप से आत्महत्या करने के सनसनीखेज घटनाक्रम का संज्ञान लेते हुए यह बात कही।

उन्होंने इस घटनाक्रम पर अफसोस जताते हुए यहां संवाददाताओं से कहा,”यह बहुत मार्मिक वाकया है। मैंने इंदौर के पुलिस आयुक्त को इसकी बारीकी से जांच का निर्देश दिया है।”

गृह मंत्री ने कहा कि इस घटनाक्रम के बाद वह राज्य में अलग-अलग कंपनियों द्वारा मोबाइल ऐप के जरिये दिए जाने वाले कर्ज की प्रक्रिया की विस्तृत जांच आवश्यक मानते हैं। उन्होंने कहा,”मैं साइबर पुलिस को निर्देश दूंगा कि वह पता करे कि क्या मोबाइल ऐप आधारित कर्ज की प्रक्रिया में कानूनी रूप से कोई आपत्तिजनक पहलू तो नहीं है। अगर ऐसा कोई पहलू मिला, तो हम उचित कदम उठाएंगे।”

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इंदौर में एक निजी दूरसंचार कम्पनी में काम करने वाले अमित यादव (35) का शव उनके घर में फांसी के फंदे पर मंगलवार को लटकता मिला, जबकि उनकी पत्नी टीना (30), तीन वर्षीय बेटी याना और एक वर्षीय बेटे दिव्यांश जमीन पर मृत पड़े मिले थे।

अधिकारियों ने संदेह जताया कि मूलत: सागर के रहने वाले यादव ने आत्महत्या से पहले, अपनी पत्नी और दोनों बच्चों को चाय में जहर दे दिया था।
उन्होंने यादव के सुसाइड नोट और मामले की शुरुआती जांच के हवाले से बताया कि 35 वर्षीय इस पेशेवर ने अलग-अलग मोबाइल ऐप से ऑनलाइन कर्ज ले रखा था और वह इसे चुका नहीं पा रहे थे।

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