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कमलनाथ के साथ लिफ्ट में हादसा, ओवरलोड होकर टूटी लिफ्ट:

लिफ्ट गिरी, बाल बाल बचे कमलनाथ, कोई हताहत नहीं 

* 20 लोग सवार होने से ओवरलोड होकर टूटी लिफ्ट

* घबराहट से तबीयत खराब, सीएम शिवराज ने फोन पर जाना हाल

* पूर्व मंत्री जीतू पटवारी, सज्जन वर्मा और विशाल पटेल भी साथ थे

मध्‍य प्रदेश के इंदौर के एक निजी अस्पताल में लिफ्ट गिरने के हादसे में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ बाल बाल बच गए. यही नहीं, घबराहट की वजह से उनकी तबीयत बिगड़ गई और फिर उनका अस्पताल में ही ब्लड प्रेशर चेक कराया गया. इसके बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने फोन कर उनकी सेहत के बारे में जानकारी ली है. इसके साथ ही सीएम ने इंदौर के कलेक्टर को पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं. बता दें कि कमलनाथ इंदौर के एक निजी अस्पताल में उस वक्त बाल-बाल बच गए थे जब वह लिफ्ट में मौजूद थे और लिफ्ट अचानक से 10 फीट ऊंचाई से नीचे गिर पड़ी थी. हालांकि लिफ्ट गिरने की एक वजह ओवरलोड होना भी बताया गया है.

बटन दबाते ही लिफ्ट टूट गई
शहर कांग्रेस अध्यक्ष विनय बाकलीवाल बताया कि मैं और सारे साथी और कमलनाथजी के स्टाफ के कुछ सहयोगी जैसे ही लिफ्ट में चढ़े और गेट लगाकर तीसरी मंजिल का बटन दबाया। एक सेकंड भी पूरा नहीं हुआ होगा कि लिफ्ट टूटकर धड़ाम से नीचे जा गिरी। किसी को संभलने का दूर सोचने का भी मौका नहीं मिला। अब लिफ्ट के अंदर ही गिर पड़े। एक मिनट से ज्यादा वक्त तो उठने और हालात को समझने में लगा। ऐसा लगा मानो जान ही चली जाएगी। पूरी लिफ्ट में धूल का गुबार था। कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। सभी ने कलनाथजी और एक दूसरे को संभाला। 3-4 मिनट बाद स्थिती सामान्य हुई। 


कमलनाथ इंदौर के डीएनएस अस्पताल में भर्ती वरिष्ठ कांग्रेस नेता रामेश्वर पटेल को देखने पहुंचे थे. इस दौरान उनके साथ कांग्रेस के अन्य नेता भी लिफ्ट में ऊपर जाने के लिए सवार हो गए और इस बीच लिफ्ट अचानक 10 फीट नीचे गिर पड़ी और दरवाजे लॉक हो गए. करीब 10 मिनट बाद बमुश्किल औजार ढूंढ कर लिफ्ट का लॉक खोला गया. इस दौरान कमलनाथ के साथ पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, पूर्व में जीतू पटवारी और विधायक विशाल पटेल के अलावा कई नेताओं समेत सुरक्षाकर्मी शामिल थे. हालांकि कमलनाथ सहित सभी सुरक्षित हैं और किसी को भी कोई चोट नहीं आयी है, लेकिन कांग्रेस का कहना है कि यह सुरक्षा में बड़ी चूक और लापरवाही है. इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई होना चाहिए. वहीं, कांग्रेस नेताओं ने अस्पताल प्रबंधन पर भी इस मामले में कार्रवाई की मांग की है.

इस बाबत प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के मीडिया कोर्डीनेटर नरेंद्र सलूजा ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज इंदौर के डीएनएस अस्पताल में वरिष्ठ कांग्रेस नेता रामेश्वर पटेल की तबीयत देखने पहुंचे थे. वे लिफ्ट में सवार हुए थे कि इसी समय लिफ्ट अचानक 10 फीट नीचे गिर गई और लिफ्ट में धूल-धुंए का गुबार भर गया. हालांकि इस हादसे में कोई घायल नहीं हुआ है.

शिवराज ने दिए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश
इस अस्पताल का निर्माण अभी-अभी हुआ है, इसलिए लिफ्ट भी ज्यादा पुरानी नहीं थी लेकिन यह सुरक्षा में बड़ी चूक है. सीएम शिवराज सिंह चौहान ने फोन कर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ से बात की और घटना की जांच के आदेश इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह को दिए हैं. जबकि मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद कलेक्टर ने तत्काल डीएनएस हास्पिटल में लिफ्ट की खराबी और दुर्घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं. कलेक्टर ने एडीएम मुख्यालय हिमांशु चंद्र को जांच के लिए आदेशित किया है.कमलनाथ ने ट्वीट कर कहा ‘जय हनुमान’

इस घटना के बाद कमलनाथ ने विशेष विमान से भोपाल लौटने की एक तस्वीर रविवार रात ट्वीट की. इसमें वह राज्य के उन दो पूर्व मंत्रियों-सज्जन सिंह वर्मा और जीतू पटवारी के साथ विमान के सामने खड़े दिखाई दे रहे हैं जो हादसे के वक्त उनके साथ लिफ्ट में मौजूद थे. खुद को अक्सर हनुमान भक्त बताने वाले कमलनाथ ने ट्वीट किया, ‘हनुमानजी की कृपा सदा से रही है. जय हनुमान.’

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