भारत बंद कल: जीएसटी, तेल की बढ़ती कीमतों और ई-वे बिल को लेकर प्रदर्शन करेंगे 8 करोड़ व्यापारी

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ई-वे बिल को खत्म करने को लेकर ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन (एआईटीडब्ल्यूए) ने भी कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स की ओर से किए जाने वाले भारत बंद का समर्थन किया है |

देश में लगातार पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों, गुड्स एवं सर्विस टैक्स, ई-बिल को लेकर व्यापारिक संस्था द कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स की तरफ से शुक्रवार को ‘भारत बंद’ का ऐलान किया गया है.

देशभर के 8 करोड़ व्यापारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले करीब 40 हजार ट्रेड एसोसिएशंस ने कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (सीएआईटी) की तरफ से 26 तारीख को किए जाने वाले ‘भारत बंद’ का समर्थन किया है. यह बंद वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के प्रावधानों में समीक्षा की मांग को लेकर किया जा रहा है |

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ई-वे बिल को खत्म करने को लेकर ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन (एआईटीडब्ल्यूए) ने भी कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स की ओर से किए जाने वाले भारत बंद का समर्थन किया है |

40 हजार से ज्यादा ट्रेडर्स एसोसिएशन के भारत बंद में हिस्सा लेने की वजह से देशभर से सभी वाणिज्यिक बाजार बंद रहेगा. प्राइवेट ट्रांसपोर्ट पर भी इसका असर पड़ सकता है क्योंकि ट्रांसपोटर्स एसोसिएशन (एआईटीडब्ल्यूए) ने सभी ट्रांसपोर्ट कंपनियों से कहा है कि वे सांकेतिक प्रदर्शन के तौर पर अपनी गाड़ियों को सुबह 6 बजे से लेकर रात 8 बजे तक गाड़ियों को खड़ी रखें |

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।
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