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लंबे समय की तपस्या का फल है भारतीय बैडमिंटन का उच्च शिखर पर पहुंचना : गोवर्धन रेड्डी

डीपीएस में ब्रदर्स एकेडमी का स्पेशल समर कैम्प 
इन्दौर। थॉमस वर्ल्ड चैम्पियनशिप का खिताब जीतना भारतीय बैडमिंटन का उच्च शिखर है। अब इस स्थिति को कायम रखने की चुनौती है। यह जीत एक-दो दिन नहीं बल्कि लंबे समय की तपस्या का परिणाम है, जिसके लिए कड़ी मेहनत हुई है।
भारत में खिलाड़ियों और प्रतिभाओं की कमी नहीं है। अगर उन्हें सही दिशा में लगातार प्रेरित किया गया तो भारत चीन की तरह बैडमिंटन में बादशाहत कायम कर सकता है।
उक्त विचार पीवी सिंधु, साइना नेहवाल, सिक्की रेड्डी, अश्विनी पोनप्पा जैसे कई भारतीय सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को कोचिंग देकर शिखर पर पहुंचाने वाले कोच गोवर्धन रेड्डी ने डीपीएस राऊ में स्थित ब्रदर्स बैडमिनट एकेडमी द्वारा आयोजित समर कोचिंग कैंप में खिलाड़ियों और पैरंट्स के समक्ष व्यक्त किए।
हैदराबाद के सांई सेंटर में 16 साल तक कोच रहे गोवर्धन रेड्डी वर्तमान में वो हैदराबाद में खुद की एकेडमी चला रहे हैं। एक हफ्ते के विशेष प्रशिक्षण और अवलोकन के लिए शिविर में पधारे गोवर्धन रेड्डी का दिल्ली पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्य आशा नायर, ब्रदर्स बैडमिंटन एकेडमी के कोच और इंटरनेशनल खिलाड़ी वाजिद अली व सुमित तोमर ने सम्मान किया।
एकेडमी मैनेजर ओमेंद्र सिंह, स्कूल के एडमिनिस्ट्रेटर अंकित वोहरा व खिलाड़ियों के माता-पिता की उपस्थिति में एक बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें रेड्डी सर ने अकादमी के खिलाडियों के लिए उचित परीक्षण कार्यक्रम तैयार करने मे कोचेस की सहायता करने व कुछ समय बाद अकादमी आकर खिलाडियों का मार्गदर्शन करने का आश्वासन दिया।
स्कूल की प्रधानाचार्या आशा नायर ने भी अपनी ओर से अकादमी के लिए पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया।
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