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चुनावी असर : प्रदेश में 2 दिन बंद रहेगी शराब दुकानें, देसी शराब की खपत 30% तो बीयर की खपत 200% तक बढ़ी, ढूंढे नहीं मिल रही

मध्य प्रदेश में होने जा रहे नगर निगम चुनाव के चलते चुनाव प्रचार का सिलसिला अब थम जाएगा। साथ ही राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिन शहरों में पहले चरण के अंतर्गत नगर निगम चुनाव 6 जुलाई को संपन्न होने हैं, उन सभी शहरों में शराब दुकानें मतदान से 48 घंटे पूर्व से ही बंद हो जाएंगी, जिसके चलते लोगों को 48 घंटे यानी पूरे 2 दिन शराब तक शराब नहीं मिलेगी।

प्रदेश में शराब की खपत बढ़ गई है। आबकारी की कंपोजिट दुकानों का फार्मूला तो इसका बड़ा कारण है ही,साथ ही पंचायत चुनाव और निकाय चुनाव के कारण देसी शराब और बीयर की खपत में उछाल है। प्रदेश में देसी शराब की खपत 30 प्रतिशत बढ़ गई है, वहीं बीयर की खपत 200 प्रतिशत पार कर चुकी है। वैसे मई से जुलाई तक इसकी खपत भी ज्यादा होती है। बीयर को लेकर यह हालत है ठेकेदार रोज आबकारी अफसरों के चक्कर काट रहे हैं,वेयरहाउस से सप्लाई आते ही स्टाक खत्म हो रहा है। प्रदेश में कुछ छोटे जिले हैं जहां आपूर्ति न होने के कारण शराब सप्लाई ठप है।
प्रदेश में नए शराब ठेके होने के बाद से सरकार कंपोजिट दुकानों का फार्मूला लेकर आई है। इसके तहत देसी और विदेशी शराब दोनों एक ही स्थान पर मिल जाती हैं। अभी तक देसी अलग मिलती थी और विदेशी अलग तो ग्राहक को लेने के लिए अलग अलग दुकान पर जाना हेाता था लेकिन अब विकल्प बढऩे से उपलब्धता बढ़ी है।

देसी शराब की खपत 30 प्रतिशत ज्यादा
देसी शराब की खपत पिछले कुछ समय से बढ़ी है। कंपोजिट दुकानों के कारण हर क्षेत्र चाहे वह पिछड़ा इलाका हो या पाश क्षेत्र देसी शराब मिल रही है। इस कारण साथ तो खपत बढ़ी ही है साथ ही पंचायत चुनाव की घोषणा के बाद से भी खपत ज्यादा होने लगी। प्रदेश में 30 प्रतिशत देसी शराब का आंकड़ा बढ़ा है। सूत्रों के अनुसार चुनाव में देसी शराब ज्यादा पकड़े जाने के मामले सामने आते हैं,वहीं चुनावी माहौल में इसकी खपत बढ़ती है।

एक या दो ब्रांड की बीयर,बाकी पूरी गायब
बाजारों में बीयर की खपत 200 प्रतिशत से ज्यादा हो गई है, नौबत यह है कि शराब दुकानों पर बीयर के अभी तक प्रचलित ब्रांड भी गायब हो गए हैं। शराब के बड़े बीयर ब्रांड दुकानों पर नहीं है क्योंकि निर्माता कंपनियों से आने वाली सप्लाई टिक नहीं पा रही है,यही कारण है कि छोटी कंपनी के एक या दो ब्रांड दुकानों पर चल रहे हैं और बड़े ब्रांड न होने के कारण ग्राहक इन्हें हाथों हाथ पकड़ रहे हैं। आबकारी अफसर भी बीयर की खपत को लेकर हैरानी में हैं, क्योंकि पहले ऐसा नहीं होता था कि बीयर की डिमांड दो सौ प्रतिशत तक पहुंच जाए।

ऐसा है निकाय चुनाव का पूरा कार्यक्रम
राज्य में नगरीय निर्वाचन 2022 के तहत जिले में नगरीय निकाय के चुनाव सम्पन्न होंगे. नगर निकाय के चुनाव 2 चरणों में संपन्न होंगे, जिसका पहला चरण 6 जुलाई को तो वहीं दूसरा चरण 13 जुलाई को संपन्न होगा. इसी के साथ पहले चरण के नतीजे 17 जुलाई को और दूसरे चरण के नतीजे 18 जुलाई को घोषित किए जाएंगे. पहले चरण में 133 और दूसरे चरण में 214 निकायों में मतदान होगा. इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में पहले चरण में चुनाव होगा. नगर निकाय के चुनाव ईवीएम के माध्यम से कराए जाएंगे. मतदान का समय सुबह 7 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक का होगा.
नगरीय निकायों के मतदान ईवीएम मशीन से कराए जाएंगे। प्रथम चरण में 6 जुलाई को मतदान होंगे.

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