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न्यू लाइफ स्पेशिलिटी हास्पिटल में लगी भीषण आग, स्टाफ के ३ सदस्यों सहित ८ जिंदा जले, १३ झुलसे

जबलपुर। जबलपुर के गोहलपुर थाना क्षेत्र में शिवनगर चंडालभाटा दमोहनाका के समीप स्थित न्यू लाइफ स्पेशिलिटी हास्पिटल में सोमवार की दोपहर करीब २ बजकर ४० मिनिट पर उस वक्त बड़ा हादसा हो गया, जब जनरेटर से हुये शॉटशर्विâट से तीन मंजिला अस्पताल २ घंटे के अंदर जलकर खाक हो गई। इस भीषण हादसे में ८ लोगों की मरने की खबर हैं जबकि १३ गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों में अस्पताल स्टॉफ के तीन लोग शामिल है। घटना के वक्त मरीज और स्टॉफ मिलाकर ३५ लोग थे। यह अस्पताल एमडी मेडीसिन के डॉक्टर सुरेश पटेल और डॉक्टर गुप्ता की पार्टनरशिप में थी। अस्पताल में फायर सेफ्टी सिस्टम था कि नहीं इसका अभी खुलासा नहीं हुआ है। घटना की जांच के लिये प्रशासनिक स्तर पर एक जांच समिति बनाने की बात जिला कलेक्टर डॉ.इलैयाराजा टी ने कही है। घटना की जानकारी मिलते ही नगर निगम के ७ फायर वाहन, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, क्षेत्रीय विधायक विनय सक्सेना, पूर्व राज्य मंत्री शरद जैन, नवनिर्वाचित और संभावित नेता प्रतिपक्ष कमलेश अग्रवाल मौके पर पहुंच गये थे। राहत  और बचाव कार्य करीब २ घंटे चला। घायलों में दो की हालत गंभीर बताई गई है जिन्हें मेट्रो अस्पताल के आईसीयू वार्ड में रखा गया है वहीं अन्य घायलों को मेडिकल के बर्न यूनिट में भर्ती कराया गया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट करते हुये गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को ५-५ लाख रुपया मुआवजा देने और घायलों को इलाज सरकारी खर्च पर कराने का ऐलान किया है।
लाईट गोल होने पर जनरेटर से शॉटर्शिकट होने पर भड़की आग…………
मौके पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ बहुगुणा ने बताया कि प्रारंभिक जांच पड़ताल में घटना की जो वजह सामने आई उसके मुताबिक २.४० बजे अस्पताल की लाईट गोल हुई तभी जनरेटर ऑन किया गया। उस दौरान जनरेटर में शॉटशर्विâट होने पर आग नीचे से ऊपर की तरफ भड़की, जबतक राहत दल और बचाव दल मौके पर पहुंचता, तब तक आग पूरी तरह  पैâल चुकी थी। भूतल में मौजूद स्टॉफ और मरीज तो किसी तरह बाहर आ गए लेकिन द्वितीय और तृतीय मंंजिल में स्टॉफ फस गया, राहत और बचाव दल ने उन्हें निकाला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अस्पताल में फायर सिस्टम था कि नहीं यह जांच का विषय है।
दरवाजा और शीशे तोड़कर निकालें गए लोग………..
कलेक्टर इलैयाराजा टी पूरे समय मौके पर मौजूद रहकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलवाया। नगर निगम के फायरमैनों ने आग बुझाई तो वहीं पुलिस के जवानों और एनडीआरएफ के जवानों ने अस्पताल के शीशे, दरवाजें तोड़कर आग की लपटों में घिरे स्टॉफ और मरीजों को बाहर निकाला। घटना के बाद मरीज और उनके परिजनों में अफरा तफरी मची रही। राहत और बचाव दल को भी काफी परेशानी उठानी पड़ी। कलेक्टर ने बताया कि पहली प्राथमिकता आग में फसे लोगों की जान बचाना रही। पूरा प्रशासनिक अमला इसी प्रयास में लगा रहा। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि फायर सिस्टम था कि नहीं, इमरजेंसी डोर सिस्टम था कि नहीं, सुरक्षा के सारे नियमों का पालन किया जा रहा था कि नहीं इसकी जांच के लिये एक कमेटी बनाई जाएगी, जो भी दोषी पाया जायेगा, सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने किया मुआवजे का ऐलान………..
जबलपुर के न्यू लाइफ स्पेशिलिटी अस्पताल के अग्निकांड की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया, उन्होंने कहा कि मप्र सरकार पूरी तरह से पीड़ितों के साथ खड़ी है। राज्य सरकार की ओर से   मृतकों के परिजनों को  ५-५ लाख रुपया और घायलों को ५०-५० हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। घायलों के संपूर्ण इलाज का व्यय भी सरकार वहन करेगी।
घटना के वक्त ३५ लोग अस्पताल में थे…………
जिला प्रशासन की ओर से कहा जा रहा है कि  जिस वक्त यह घटना हुई उस वक्त अस्पताल के स्टाफ और मरीजों को मिलाकर कुल ३५ लोग अस्पताल में मौजूद थे। जिनमें ८ लोगों की मौत हो चुकी है। जिनमें ३ अस्पताल स्टॉफ के लोग थे और बाकी मरीज थे। मृतकों के शव मेडिकल कॉलेज की मरचुरी में रखा दिए गए है और गंभीर रूप से १३ घायलों में १० को मेडिकल कॉलेज अस्पताल और ३ को मेट्रो अस्पताल ले जाया गया।
सिस्टम पर उठे फिर सवाल………..
लंबे समय से यह मांग की जा रही थी कि अस्पतालों में फायर सिस्टम और इमरजेंसी डोर है कि  नहीं, आकस्मिक स्थितियों में खुद का रक्षात्मक सिस्टम है कि नहीं, इसकी जांच समय-समय पर की जानी चाहिए। गत ७ मई २०२२ को इंदौर में एक हाईलाईट बिल्डिंग में ७ लोगों की मौत होने के बाद समाचार पत्रों में इस बात को गंभीरता से उठाया था कि शहर की कई ऐसी अस्पतालें और बिल्डिंग है जो फायर सिस्टम के बगैर चल रही है उनकी जांच करने तक की जहमत नहीं उठाई गई, नतीजा आज सामने है कि दर्दनाक दुर्घटना में ८ लोगों की जान चली गई।
मृतकों में ७ की हुई पहचान……..
अग्निकांड दुर्घटना में मारे गए ८ में से ७ लोगों की पहचान हो चुकी है। इनमें से ३ स्टॉफ सदस्य है तो दो एक ही परिवार के सदस्य है। अधिकारिक जानकारी के मुताबिक वंâचनपुर अधारताल निवासी ३० वर्षीय वीर सिंह (स्टाफ सदस्य), नारायणपुर मझगवां जिला सतना निवासी २४ वर्षीय सुश्री स्वाति वर्मा (स्टाफ सदस्य), २३ वर्षीय नरसिंहपुर निवासी महिमा जाटव (स्टाफ सदस्य), के साथ-साथ अस्पताल में भर्ती मरीज आगासौद माढ़ोताल निवासी ४२ वर्षीय दुर्गेश िंसह, खटीक मोहल्ला घमापुर निवासी २१ वर्षीय तन्मय विश्वकर्मा के अलावा चित्रवूâट माणिकपुर निवासी माँ-बेटे ५५ वर्षीय अनुसुईया यादव और २६ वर्षीय सोनू यादव के रुप में हुई है। मृतकों के पोस्टमार्टम मेडिकल कॉलेज में कराया जा रहा है वही मेडिकल में घायलों को देखने के लिए कलेक्टर, एसपी भी मौके पर पहुंचे।
सांसद ने जताई शोक संवेदना………….
दमोहनाका चण्डालभाटा स्थित नई लाइफ मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल में हुई अग्नि दुर्घटना में मृतकों के परिवारजनों के प्रति शोक संवेदना प्रकट करते हुए सांसद राकेश सिंह ने दुर्घटना में घायल लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। संसद के मॉनसून सत्र में भाग लेने दिल्ली गए सांसद श्री सिंह ने दुर्घटना के संबंध में जबलपुर कलेक्टर से दूरभाष पर चर्चा करते हुए दुर्घटना में घायल हुए लोगों को तत्काल और उचित इलाज कराए जाने एवँ  मृतको की परिवारजनों को सहायता देने के  को कहा।
अस्पताल मालिको पर दर्ज हो ३०२ का मामला      
न्यू लाइफ मल्टी स्पेशलिस्ट शिव नगर  स्थित हॉस्पिटल में अस्पताल संचालकों द्वारा पर्याप्त सुविधाएं और बचाव के साधन न होने के कारण मृतकों और घायलों को समय पर बचाया नहीं जा सका। मरीजों से फीस के नाम और अस्पतालों में भर्ती के नाम पर भारी भरकम पैसे तो लिए जाते है लेकिन पर्याप्त सुविधाएँ नहीं दी जाती मप्र.तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के योगेंद्र दुबे, अटल उपाध्याय, संजय यादव ,मुकेश सिंह,मंसूर वेग,आलोक अग्निहोत्री ने सभी मृतकों के परिजनों को २५ लाख रुपये घायलों को १५ लाख  रुपए देने की मांग करते हुए हॉस्पिटल संचालकों के ऊपर ३०२ का मामला दर्ज करने के साथ अस्पताल को लाइसेंस देने वाले अधिकारियों के ऊपर भी ४२० का मामला दर्ज करने की मांग की है।
राज्यसभा सांसद ने भी शोक जताया…
राज्यसभा सांसद विवेक कृष्ण तन्खा ने घटना पर गहरा शोक जताते हुए घायलों की शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है और अधिकारियों से आग्रह किया है कि घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था की जाए।
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