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देशभर के डॉक्टरों और नर्सों के लिए लॉन्च हुआ नेशनल लाइफ सपोर्ट कोर्स, स्किल सेंटरों को मेडिकल कॉलेजों से किया जाएगा संबद्ध

Education News. केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री भारती प्रवीण पवार ने नेशनल इमरजेंसी लाइफ सपोर्ट कोर्सेज को चिकित्सकों, नर्सों और अन्य मेडिकल स्टाफ के लिए लांच कर दिया है।
इस कार्यक्रम में प्रशिक्षण के साथ-साथ सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एनईएलएस कोर्स को लागू करने के लिए भी बुनियादी ढांचे को विकसित करने का काम भी होगा।
तैयार किया जाएगा प्रशिक्षकों का एक काडर
अस्पतालों के इमरजेंसी डिपार्टमेंट और एम्बुलेंस सेवाओं में काम कर रहे डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ को प्रशिक्षित करने के लिए भी प्रशिक्षकों का एक काडर तैयार किया जाएगा।

विदेशी मॉड्यूल पर ही निर्भर रहते थे पेशेवर

पवार ने कोर्स की स्थापना करते हुए बुधवार को कहा कि देश में अब तक स्वास्थ्य सेवा के पेशेवर विदेशी मॉड्यूल पर ही निर्भर रहते थे और साथ ही इतनी बड़ी आबादी की जरूरतों और वरीयता को ध्यान में रखते हुए महंगे कोर्स पढ़ाए जाते रहे हैं।

इसीलिए प्रधानमंत्री की ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की नीतियों को भारतीय संदर्भों पर आधारित एनईएलएस के तहत मानकीकृत पाठ्यक्रम दिया जाएगा।

वर्ष 2017 की राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति के विषय में उन्होंने कहा कि एकीकृत आपात प्रतिक्रिया प्रणाली को विकसित किया जा रहा है।

स्किल सेंटरों को मेडिकल कॉलेजों से किया जाएगा संबद्ध

इसके जरिये आपात देखरेख के नेटवर्क, लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस के प्रविधानों और ट्रामा मैनेजमेंट सेंटरों की व्यवस्था का एकरूप माडल तैयार होगा। उन्होंने बताया कि राज्यों को एनईएलएस के स्किल सेंटरों को मेडिकल कॉलेजों से संबद्ध किया जाएगा।

एम्स में ट्रामा सेंटर के प्रमुख प्रोफेसर राजेश मल्होत्रा ने कहा कि कोविड के बाद इस कार्यक्रम का मकसद सभी के लिए आपात उपचार मुहैया कराना है। इसीलिए चिकित्सा विभाग को सभी आपात स्थितियों के लिए तैयार किया जा रहा है।

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