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रूस के खूंखार चेचेन सैनिक इनके आगे तालिबान भी फेल, हाथ-पैर बांधकर मारते थे गोली

बूचा… यूक्रेन का वो शहर जिसका नाम सुनते ही लोग खौफ खाने लगे हैं। यहां मौत का ऐसा तांडव हुआ कि आपकी रूह कांप जाएगी। इसे अंजाम दिया रूस के सबसे खूंखार चेचेन सैनिकों ने। 40 दिन तक रूस के इन सैनिकों ने इस शहर को कब्रगाह में बदल दिया।

जो तस्वीरें सामने आईं वो दर्दनाक हैं। यूक्रेनियन के हाथ-पांव बांधकर सिर में गोली मारी। महिलाओं के साथ रेप किया। पूरे शहर में लाशों का ढेर है। तस्वीर सामने आते ही यूक्रेन की सेना भी यहां पहुंच गई।

अब तक 400 से ज्यादा शवों को बरामद किया जा चुका है। इनकी संख्या बढ़ती ही जा रही है। कई लाशें बुरी तरह से बदबू मार रही हैं। यूक्रेन का आरोप है कि रूस की ओर से युद्ध अपराध का यह सबसे बड़ा उदाहरण है। हालांकि, क्रेमलिन इसका खंडन कर रहा है।

तो आखिर कीव से 46 किलोमीटर दूर इस शहर में कैसे हुआ कत्लेआम? क्या चेचेन सैनिकों का इसमें है हाथ? यूक्रेन सेना यहां पहुंची तो कैसा था नजारा? अब तक क्या-क्या हुआ? आइए जानते हैं…

क्यों चर्चा में आया बूचा का नाम?

यूक्रेन की राजधानी कीव से करीब 46 किलोमीटर दूर बूचा शहर में इस नरसंहार की काहानी शुरू हुई। यूक्रेनी सेना को यहां पर एक साथ 410 लाशें मिलीं। ये लाशें काफी पुरानी हो चुकी थीं।

कुछ सड़ने भी लगी थीं, तो कईयों के हाथ बंधे हुए थे। दावा है कि, इन लोगों को यातनाएं देने के बाद बहुत पास से गोली मार दी गई। कई लाशों के पैरों, माथे और सीने पर गोली के निशान भी मिले हैं। यूक्रेनी मीडिया के हवाले से आ रही खबरों के मुताबिक, यहां लाशें अब तक बरामद हो रही हैं।

40 दिन बूचा में क्या-क्या हुआ?

रूस ने यूक्रेन पर 24 फरवरी को हमला किया था। इसके बाद कीव पर कब्जा करने के लिए रूसी सेना सबसे पहले बूचा ही पहुंची थी। बूचा से कुछ किलोमीटर दूर होस्टोमेल हवाई अड्डे से उतरकर वे बख्तरबंद वाहनों से शहर में दाखिल हुए थे।

इसके बाद टैंकों और बख्तरबंद वाहनों के जरिए वे कीव की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन यहां यूक्रेनी सेना ने उनका कड़ा मुकाबला किया और रूसी सैनिकों को बूचा में ही रोक दिया। तब से रूसी सैनिकों ने बूचा को ही अपना ठिकाना बना लिया और इसे कब्जे में लेकर कथित नरसंहार किया। 30 मार्च को इस शहर को रूसी सैनिकों ने पूरी तरह खाली कर दिया था। पूरे 40 दिन बाद यूक्रेनी सैनिक इस शहर में पहुंचे।

चेचेन सैनिकों का क्यों आ रहा नाम?

सबसे पहले ये जान लें कि रूसी सेना के चेचेन सैनिक सबसे ज्यादा खूंखार माने जाते हैं। किसी को मौत के घाट उतारने में ये सैनिक जिनती वीभत्सता दिखाते हैं, उतनी शायद कोई नहीं। जब कीव, रूस के कब्जे से बाहर निकलता जा रहा था, तो पुतिन ने यहां पर चेचेन सैनिकों को भेजने की योजना बनाई।

इसी योजना के तहत ये सैनिक बूचा में दाखिल हुए। हालांकि, यूक्रेनी सेना के कड़े प्रतिरोध के चलते इनके कई सैनिकों को जान गंवानी पड़ी और इन्होंने बूचा को अपने कब्जे में ले लिया। अब आरोप लगाए जा रहे हैं कि, जो भी नरसंहार हुआ उसमें रूस के चेचेन सैनिकों का ही हाथ है।

सैटेलाइट तस्वीरों में क्या है?

अमेरिकी कंपनियों की ओर से यूक्रेन के बूचा शहर की कुछ सैटेलाइट तस्वीरें जारी की गई हैं। इसमें बूचा नरसंहार की पूरी कहानी दिख रही है। यानि, शहर की सड़कों में पड़ी लाशें, सूनसान सड़कें। जब इन सैटेलाइट तस्वीरों को स्थानीय लोगों द्वार रिकॉर्ड की गई वीडियो से मिलाया गया, तब पुष्टि हुई कि ये बूचा की ही तस्वीरें हैं।

11 मार्च की एक सैटेलाइट तस्वीर का दो अप्रैल की शूट की गई वीडियाे से मिलान किया गया तो यहां 11 लाशें उसी स्थान पर मिलीं, जहां उन तस्वीरों में दिखाई गई थीं। ऐसी ही तस्वीरें 20 और 21 मार्च को भी जारी की गई थीं।

जेलेंस्की ने क्या कहा?

बूचा में नरसंहार के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की का भी बयान सामने आया। उन्होंने कहा है कि रूस के सैनिक हत्यारे हैं। लुटेरे हैं। बलात्कारी हैं। दरअसल, यूक्रेनी अधिकारियों का दावा है कि कई ऐसी महिलाओं के भी शव बरामद किए गए हैं, जिनके साथ बलात्कार किया गया।

रूस ने क्या कहा?

बूचा नरसंहार की बात सामने आने के बाद पूरी दुनिया में रूस की आलोचना हो रही है। इसके बाद रूस की ओर से भी
बयान जारी किया गया है। रूस का कहना है कि, बूचा में हुए नरसंहार के पीछे रूसी सैनिकों का हाथ नहीं है। यूक्रेन में किसी भी आम नागरिक को रूसी सैनिकों द्वारा हिंसा का सामना नहीं करना पड़ा है। बूचा से जो तस्वीरें सामने आई हैं, वह यूक्रेन द्वारा पश्चिम देशों व मीडिया पर दबाव बनाने के लिए बनाई गई तस्वीरें हैं।
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