रक्षा मंत्री राजनाथ का बड़ा बयान- हो गया चीन-भारत का समझौता, पैंगोंग झील से पीछे हटेंगी दोनोंं सेनाएं

By
sadbhawnapaati
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
3 Min Read

नई दिल्ली: पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर बीते साल से चीन के साथ चल रहा तनाव का आखिरकार हल निकल आया है। अब दोनों देशों की सेनाएं पीछे हटेंगी और अप्रैल 2020 से पहले ही स्थिति को लागू किया जाएगा। इसका ऐलान केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में किया है। उन्होंने बताया कि पैंगोंग लेक पर चीन के साथ समझौता हो गया है।

[expander_maker id=”1″ more=”आगे पढ़े ” less=”Read less”]भारत-चीन के बीच विवाद पर समझौता

राजनाथ सिंह ने गुरुवार को राज्यसभा में भारत-चीन विवाद पर कहा कि भारत-चीन के बीच पैंगोंग लेक के पास विवाद पर समझौता हो गया है और दोनों देशों के सैनिक पीछे हटेंगे। रक्षा मंत्री ने ऐलान किया कि भारत और चीन दोनों ने यह तय किया है कि अप्रैल 2020 से पहले ही स्थिति को लागू किया जाएगा। इसके साथ ही अब तक जो भी निर्माणकिया गया, उसे हटा दिया जाएगा।

हम अपनी एक इंच जगह भी किसी को नहीं लेने देंगे

रक्षा मंत्री ने कहा कि इस दौरान जिन जवानों ने अपनी जान गंवाई है, उन्हें देश सलाम करेगा। पूरा सदन देश की संप्रभुता के मुद्दे पर एक साथ खड़ा है। इसके साथ ही राजनाथ सिंह ने यह भी स्पष्ट किया है कि हम अपनी एक इंच जगह भी किसी को नहीं लेने देंगे। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों में पेंगोंग के नॉर्थ और साउथ बैंक को लेकर समझौता हुआ है। दोनों सेनाएं पीछे हटेंगी। वहीं, ड्रैगन पैंगोंग के फिंगर 8 के बाद ही अपनी सेनाओं की तैनाती रखेगा।

LAC पर यथास्थिति ही हमारा लक्ष्य

राजनाथ सिंह ने कहा कि सितंबर से भारत और चीन के बीच बातचीत शुरू हुई। वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर यथास्थिति करना ही हमारा लक्ष्य है। उन्होंने कहा 1962 के समय से ही चीन ने काफी हिस्सों पर कब्जा किया है। वहीं, भारत की ओर से चीन को सीमा के हालात पर रिश्तों पर असर पड़ने की बात कही जाती रही है.

मई से जारी है तनाव

गौरतलब है कि मई, 2020 से ही एलएसी पर दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है। ये तनाव तब और बढ़ गया जब, 14-15 जून की रात चीन ने भारतीय सैनिकों पर वार किया। ऐसे में भारतीय सेना ने भी मुंहतोड़ कार्रवाई की। इस घटना में भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे, जबकि चीन ने अपनी ओर मारे गए सैनिकों की संख्या कभी सार्वजनिक नहीं की।[/expander_maker]

 

Share This Article
Follow:
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।
14 Comments