MP News – MP में नए वैरिएंट ओमिक्रॉन का खतरा:17 से 19 दिसंबर तक होने वाली IAS सर्विस मीट स्थगित

By
sadbhawnapaati
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
3 Min Read

Mp News. मध्य प्रदेश में कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के खतरे को देखते हुए IAS सर्विस मीट को स्थगित कर दिया गया है। यह मीट भोपाल में 17 से 19 दिसंबर तक प्रस्तावित थी। इसका शुभारंभ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान करने वाले थे। एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं अपर मुख्य सचिव आईपीसी केसरी ने बताया कि कोरोना के नए वैरिएंट के फैलने की आशंका को ध्यान में रख कर मीट को स्थगित करने का फैसला लिया गया है। उन्होंने आयोजन को टालने की सलाह दी थी।

मुख्यमंत्री ने कहा है कि कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन का सामना जनभागीदारी मॉडल पर किया जाएगा। हम संकट के मुहाने पर खड़े हैं। दिल्ली में निजी चैनल से शुक्रवार को बात करते हुए उन्होंने कहा कि मिल-जुलकर संभावित संकट का मुकाबला करेंगे। बता दें कि जो पिछले एक महीने में विदेश यात्रा से लौटे इंदौर में स्वास्थ्य विभाग करीब 100 लोगों की तलाश कर रहा है। अच्छी बात यह है कि विदेश से आए 50 लोगों की जांच हो चुकी है। वे कोरोना वायरस से संक्रमित नहीं मिले हैं।

राज्य सरकार ने नए वैरिएंट के चलते कोरोना की तीसरी लहर के खतरे से निपटने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने थ्री-टी रणनीति बनाई है। थ्री-टी यानी टेस्टिंग, ट्रैकिंग और ट्रीटमेंट। इसके लिए प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी किया है। इसमें RT-PCR में पॉजिटिव आने वाले सभी मरीजों का अनिवार्य रूप से जीनोम सीक्वेंसिंग कराने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रदेश के सभी कलेक्टर्स, मेडिकल कॉलेजों के डीन, CMHO और सिविल सर्जन को यह निर्देश भेजा गया है। उन्हें कहा गया है कि कोविड की RT-PCR टेस्ट में पॉजिटिव रिपोर्ट आने पर मरीज के सैंपल जीनोम सीक्वेसिंग के लिए अनिवार्य रूप से भिजवाएं। मंत्रालय ने 30 नवंबर को ही यह आदेश जारी किया।

थ्री-टी रणनीति की सलाह केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने दी है। इसके मुताबिक जीनोम सीक्वेसिंग के जरिए सबसे पहले कोरोना वायरस के वैरिएंट की पहचान करें, फिर तत्काल ट्रेसिंग करते हुए जरूरी सर्विलांस गतिविधियों का पालन करें। मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रदेश में ऑक्सीजन संयंत्र, वेंटिलेटर सहित अन्य सभी आपातकालीन व्यवस्थाएं कर ली गई हैं। हमारा प्रयास होगा कि इन सबकी जरूरत ही न पड़े। मास्क, शारीरिक दूरी व अन्य सावधानियों का कड़ाई से पालन करने के लिए वातावरण तैयार किया जा रहा है।

Share This Article
Follow:
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।