भारत और दक्षिण कोरिया के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी को नई गहराई देते हुए दोनों देशों ने सियोल के इमजिंगक पार्क में भारतीय युद्ध स्मारक का संयुक्त उद्घाटन किया। कोरियाई युद्ध की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित इस समारोह में भारतीय सेना के वीरतापूर्ण योगदान को श्रद्धांजलि दी गई और दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक व सामरिक संबंधों को और मजबूत किया गया।
रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह और कोरिया गणराज्य के पैट्रिओट्स एंड वेटरन्स अफेयर्स मंत्री श्री क्वॉन ओह-यूल ने संयुक्त रूप से इस स्मारक का उद्घाटन किया। स्मारक भारतीय सेना की 60 पैरा फील्ड एम्बुलेंस यूनिट, जिन्हें ‘मैरून एंजेल्स’ के नाम से जाना जाता है, तथा भारतीय कस्टोडियन फोर्स (CFI) के साहस, बलिदान और मानवीय सेवा को समर्पित है।
भारत के पहले पैराट्रूपर लेफ्टिनेंट कर्नल (डॉ.) एजी रंगराज के नेतृत्व वाली 60 पैरा फील्ड एम्बुलेंस यूनिट ने 1950 से 1954 तक युद्ध की अत्यंत कठिन परिस्थितियों में सेवा की। इस यूनिट ने युद्ध के सभी पक्षों के दो लाख से अधिक घायल सैनिकों और नागरिकों का इलाज किया तथा हजारों सर्जरी सफलतापूर्वक संपन्न कीं। युद्ध समाप्ति के बाद भारतीय कस्टोडियन फोर्स ने युद्धबंदियों की निष्पक्ष और सुरक्षित वापसी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जो भारत की शांति एवं मानवीय मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
समारोह को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि दोनों देशों का यह साझा इतिहास और बलिदान आज की भारत-दक्षिण कोरिया विशेष रणनीतिक साझेदारी की मजबूत नींव है। यह साझेदारी रक्षा औद्योगिक सहयोग, संयुक्त सैन्य अभ्यास, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, समुद्री सुरक्षा और इंडो-पैसिफिक स्थिरता जैसे क्षेत्रों में तेजी से विस्तार कर रही है।
क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों के बीच इस स्मारक का उद्घाटन केवल स्मृति का प्रतीक नहीं, बल्कि भविष्योन्मुखी सामरिक सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। लेफ्टिनेंट कर्नल रंगराज और जनरल केएस थिमय्या जैसे महान व्यक्तियों को श्रद्धांजलि देते यह स्मारक एशिया के दो प्रमुख लोकतांत्रिक देशों के बीच बढ़ते सामरिक विश्वास को मजबूत करता है।


