दस दिवसीय पशुपालन एवं वर्मी कंपोस्ट निर्माण प्रशिक्षण का समापन 

By
sadbhawnapaati
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
2 Min Read

इन्दौर। बड़ौदा स्वरोजगार विकास संस्थान आरसेटी इन्दौर द्वारा विगत 10 दिवसों से संचालित डेयरी फार्मिंग एवं वर्मी कंपोस्ट निर्माण प्रशिक्षण का समापन  किया गया है।
प्रशिक्षण समापन कार्यक्रम के दौरान के मूल्यांकनकर्ता भारत भूषण शुक्ला एवं दीपक राय ने प्रशिक्षुओं का मूल्यांकन किया। इस प्रशिक्षण में कुल 31 प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया। उक्त प्रशिक्षणार्थी इन्दौर जिले के ग्राम मेण मांजरा के निवासी और स्व सहायता समूह सदस्य है।
प्रशिक्षण समापन के दौरान प्रशिक्षुओं ने बताया कि हम पारंपरिक तरीके से पशुपालन कर रहे हैं किंतु आधुनिक तकनीकों एवं पशु उपचार की जानकारी ना होने के कारण पशुपालन व्यवसाय में हानि उठाना पढ़ती थी।
इस प्रशिक्षण के दौरान हमें पशुओ की अच्छी तरह से देखभाल, पोषण एवं टीकाकरण के साथ-साथ बीमारियों के उपचार की जानकारी प्राप्त हुई। साथ ही गोबर से केंचुआ खाद बनाने की विधि से जाना की के पशु अपशिष्ट को काले सोने में परिवर्तित करके भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ाने के साथ साथ अच्छी आय अर्जित करने की जानकारी प्राप्त हुई।
प्रशिक्षण समापन कार्यक्रम का आभार प्रदर्शन करते हुए आरसेटी निदेशक ओमप्रकाश मंशारामानी ने बताया कि कोई भी व्यवसाय छोटा या बड़ा नहीं होता है, उससे होने वाला लाभ एवं सामाजिक विकास अति महत्वपूर्ण होता है।
इसीलिए किसी भी कार्य को छोटा या बड़ा ना समझे और भविष्य निर्माण और आजीविका संवर्धन पर विशेष ध्यान दें। कार्यक्रम में संकाय सदस्य रूपा कौशल, पूर्व जैन, कार्यालय सहायक पवन नायक, निशा वर्मा एवं विकास राठौर उपस्थित रहे।
Share This Article
Follow:
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।