प्रदेश को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए जीएसटी राजस्व में वृद्धि आवश्यक – मुख्यमंत्री श्री चौहान 

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– जीएसटी राजस्व वृद्धि संबंधी हाई पॉवर कमेटी की अनुशंसाओं के प्रतिवेदन का विमोचन
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए जीएसटी राजस्व में वृद्धि करना आवश्यक है। इसके लिए जीएसटी राजस्व वृद्धि संबंधी गठित हाई पॉवर कमेटी ने बहुत उत्साह से कार्य किया है और गहन अध्ययन कर अपनी उपयोगी अनुशंसाएँ की हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि करदाताओं की संख्या को बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे। करदाताओं में कर चुकाने की आदत डालेंगे। समिति की अनुशंसाएँ व्यवहारिक हैं और उनका क्रियान्वयन तेजी से किया जाएगा। उन्होंने कुछ अनुशंसाएँ तीन महीने में ही लागू करने के लिए रोडमेप तैयार करने को कहा। उन्होंने कहा कि करदाताओं को कर चुकाने के लिए जागरूक करने की जरूरत है। इसके लिए जागरूकता अभियान चलाया जाये। करदाताओं के मन में कर चुकाने का भाव जगाया जाए।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आज निवास पर वीसी से जीएसटी राजस्व वृद्धि संबंधी हाई पॉवर कमेटी के प्रतिवेदन का विमोचन कर रहे थे। प्रदेश को तेजी से आगे ले जाने के लिए जीएसटी राजस्व में वृद्धि करने के लिए समिति गठित की गई थी। वित्त एवं वाणिज्यिक कर मंत्री जगदीश देवड़ा, मुख्यमंत्री के सचिव एम. सेलवेन्द्रम तथा संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, हाई पॉवर कमेटी के सदस्य मंत्रालय से वर्चुअली जुड़े।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में जीएसटी राजस्व में वृद्धि के लिए गठित हाई पॉवर कमेटी की अनुशंसाओं की जानकारी दी गई। बताया गया कि कमेटी की अनुशंसाओं से करदाताओं को टैक्स भरने में सरलता और सुविधा होगी। दूसरे राज्यों का तुलनात्मक अध्ययन कर अनुशंसाएँ की गई हैं। राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों के अनुरूप प्रदेश के जीएसटी राजस्व में वृद्धि करने, टैक्स बेस बढ़ाने के लिए नए करदाताओं को जोड़ने एवं अधिकाधिक डेटाबेस का उपयोग कर टैक्स बेस में वृद्धि की अनुशंसा की गई है।
अनुशंसाओं में सेवा क्षेत्र पर फोकस किया गया है। मौजूदा करदाताओं से सही कर दायित्व अनुसार कर वसूली की अनुशंसा की गई है। चयनित करदाताओं के टर्न ओवर का विश्लेषण किए जाने के लिए समिति ने अनुशंसा की है। करदाताओं से प्रभावी संवाद के लिए पंजीकरण, रिटर्न फाइलिंग, ई-वे बिल, कर भुगतान आदि से संबंधित प्रश्नों के लिए व्हाट्सएप आधारित वर्चुअल टैक्स असिस्टेंट की अनुशंसा, करदाताओं में जागरूकता बढ़ाने का प्रयास करने की भी अनुशंसा की गई है। कुशल कर प्रशासन के लिए सीजीएसटी एवं अन्य संरचनाओं के साथ समन्वय, शीर्ष करदाताओं की निगरानी और मानव संसाधन प्रबंधन की अनुशंसाएँ शामिल हैं।
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