तेहरान में मक्का पैक्ट वाले देशों की उच्च स्तरीय वार्ता, क्या शुरू होगा क्षेत्रीय सुरक्षा का नया अध्याय?

Dr Rajesh Jauhri
By
drrajesh
Dr Rajesh Jauhri is a Journalist with experience of 25 years in Indian and foreign media, Social Scientist, Accomplished Author, Political & Strategic Analyst, Rifle &...
2 Min Read

मध्यपूर्व में तनाव के बढ़ते माहौल के बीच 26 अक्टूबर को तेहरान में एक दुर्लभ और महत्वपूर्ण कूटनीतिक बैठक हुई। सऊदी अरब के रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान, पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर तथा तुर्की की खुफिया एजेंसी एमआईटी के प्रमुख इब्राहिम कालिन ने ईरान के सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसेन रेजाई और राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से मुलाकात की। यह बैठक मक्का संयुक्त रक्षा समझौते के सदस्य देशों की ओर से ईरान के साथ पहली उच्चस्तरीय संयुक्त वार्ता थी।

सऊदी विदेश मंत्रालय के अनुसार, इसका उद्देश्य वर्तमान संकट में तनाव कम करना, संवाद और राजनयिक समाधान को बढ़ावा देना तथा कतर व पाकिस्तान द्वारा चलाए जा रहे मध्यस्थता प्रयासों का समर्थन करना है। ईरानी पक्ष ने भी इसे क्षेत्र में ‘आंतरिक सुरक्षा’ की अवधारणा को मजबूत करने की दिशा में व्यावहारिक कदम बताया। बैठक के बाद सभी पक्षों ने क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के लिए सहयोग बढ़ाने हेतु संवाद जारी रखने पर सहमति जताई।

रणनीतिक दृष्टि से यह बैठक कई संदेश देती है। एक ओर हूती हमलों और अमेरिकी-इजरायली कार्रवाई की आशंकाओं के बीच सऊदी अरब जैसे देश ईरान से सीधे संवाद के रास्ते तलाश रहे हैं। दूसरी ओर, पाकिस्तान और तुर्की जैसे देश मध्यस्थ की भूमिका निभाते हुए क्षेत्रीय शक्ति संतुलन को नया आकार देने की कोशिश कर रहे हैं। आसिम मुनीर की हालिया तेहरान यात्राओं के बाद यह संयुक्त उपस्थिति पाकिस्तान की कूटनीतिक सक्रियता को रेखांकित करती है।

हालांकि, क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्विता, धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और बाहरी शक्तियों की भूमिका जैसी जटिलताएं बनी हुई हैं। यह बैठक यदि सार्थक परिणाम देती है तो मध्य पूर्व में तनाव कम करने में सहायक सिद्ध हो सकती है। अन्यथा, यह केवल अस्थायी कूटनीतिक कदम बनकर रह जाएगी। भारत जैसे देश के लिए इस घटनाक्रम पर निरंतर नजर रखना आवश्यक है, क्योंकि पश्चिम एशिया की स्थिरता ऊर्जा सुरक्षा और समुद्री मार्गों से सीधे जुड़ी हुई है।

Share This Article
Follow:
Dr Rajesh Jauhri is a Journalist with experience of 25 years in Indian and foreign media, Social Scientist, Accomplished Author, Political & Strategic Analyst, Rifle & Pistol Shooter, Orator, Thinker and Educationist. He holds Ph.D. degree on “Impact of colonial heritage on Indian police”. He is a national-level sportsperson, won titles in badminton, rifle and pistol shooting and at state-level in archery. Runs NGO for social, economic uplift of tribal communities in MP and two decades back, established a school in Kodariya village of Indore to provide education and moral values to children belonging to tribal, minority families