‘मेक इन इंडिया’: सूर्यदीप्ता प्रोजेक्ट्स ने भारतीय नौसेना के पहले सलेज बार्ज शिप का किया जलावतरण

Dr Rajesh Jauhri
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drrajesh
Dr Rajesh Jauhri is a Journalist with experience of 25 years in Indian and foreign media, Social Scientist, Accomplished Author, Political & Strategic Analyst, Rifle &...
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महाराष्ट्र के ठाणे स्थित एमएसएमई शिपयार्ड सूर्यदीप्ता प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड ने भारतीय नौसेना के लिए स्वदेशी सहायक जलयान निर्माण में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। हाल ही में यार्ड 142 यानी पहले 300 टन क्षमता वाले सलेज बार्ज का जलावतरण किया गया। साथ ही तीसरे सलेज बार्ज (यार्ड 144) और पहले बॉटम ओपनिंग डंब बार्ज (यार्ड 148) की कील रखी गई। जलावतरण समारोह में रियर एडमिरल कपिल मेहता, सहायक नियंत्रक युद्धपोत उत्पादन एवं अधिग्रहण, मुख्य अतिथि रहे।

नवंबर 2024 में चार सलेज बार्ज और जनवरी 2026 में तीन बॉटम ओपनिंग डंब बार्ज के निर्माण का अनुबंध इसी शिपयार्ड कंपनी से हुआ था। ये जहाज भारतीय डिजाइन फर्म और भारतीय पोत परिवहन रजिस्टर (आईआरएस) के सहयोग से पूरी तरह स्वदेशी डिजाइन व निर्माण वाले हैं। सलेज बार्ज जहाजों से निकलने वाले तरल अपशिष्ट का सुरक्षित संग्रहण और निपटान करते हैं, जिससे एमएआरपीओएल नियमों का पालन सुनिश्चित होता है और समुद्री प्रदूषण रोका जाता है। ये नौसेना के प्लेटफॉर्मों के परिचालन को सुचारू बनाने में सहायक होंगे।

सूर्यदीप्ता प्रोजेक्ट्स पहले ही नौसेना के लिए ग्यारह एसीटीसीएम बार्ज सफलतापूर्वक बना चुकी है। यह उपलब्धि एमएसएमई शिपयार्डों की क्षमता और आत्मनिर्भर भारत तथा मेक इन इंडिया की दिशा में नौसेना की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। सहायक जलयानों का स्वदेशी निर्माण न केवल सामरिक स्वायत्तता बढ़ाता है, बल्कि घरेलू जहाज निर्माण पारिस्थितिकी तंत्र को भी मजबूत करता है।

भारतीय नौसेना द्वारा इस तरह के सहायक नौसेना जहाज़ों का निर्माण और उनकी कमीशनिंग दुनिया की बाकी नौसेनाओं से अपने आप को इस बात के कारण पृथक करती है कि नौसेना का कार्य सिर्फ युद्ध में भाग लेना, सीमाओं की सुरक्षा करना ही नहीं है बल्कि समुद्री पर्यावरण को कैसे सुदृढ़, साफ़ और जीव जंतुओं के अनुकूल रखना भी है।

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Dr Rajesh Jauhri is a Journalist with experience of 25 years in Indian and foreign media, Social Scientist, Accomplished Author, Political & Strategic Analyst, Rifle & Pistol Shooter, Orator, Thinker and Educationist. He holds Ph.D. degree on “Impact of colonial heritage on Indian police”. He is a national-level sportsperson, won titles in badminton, rifle and pistol shooting and at state-level in archery. Runs NGO for social, economic uplift of tribal communities in MP and two decades back, established a school in Kodariya village of Indore to provide education and moral values to children belonging to tribal, minority families