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Indore UB Tech कंपनी का आधा अधूरा काम अफसर ने सांठगांठ कर करवा दिया भुगतान

बीटेक कंपनी का आधा अधूरा काम अफसर ने सांठगांठ कर करवा दिया भुगतान| ठेकेदार व कंपनी के साथ भौतिक सत्यापन देने वाले अधिकारियों की भी की शिकायत इंदौर बिजली कंपनी के आईपीडीएस प्रोजेक्ट धार झाबुआ में ओ & म  सर्कल में लाइन सर्वे लाइन इरेक्शन डीटीआर स्थापना मीटर इत्यादि का कार्य किया गया था इस काम में ठेकेदार कंपनी द्वारा गुणवत्ताहिन कार्य किया है जिसकी शिकायत बिजली कंपनी के एमडी तक पहुंची शिकायतकर्ता  श्री अनवर खान ने अधिकारियों की सांठगांठ का आरोप भी लगाए काम की गुणवत्ता की भौतिक सत्यापन  रिपोर्ट पेश करना अधिकारियों का ही कार्य रहता है इनकी भौतिक सत्यापन रिपोर्ट से ही कंपनी व ठेकेदार को भुगतान किया जाता है जब यह लोग ही अपने बिजली कंपनी के साथ ही विश्वासघात कर रहे हैं शिकायतकर्ता का कहना है कि जिन्होंने यूबीटेक  कंपनी मैं भौतिक सत्यापन रिपोर्ट दी है उसको तत्काल अपने पद से हटाया जाए और यूबीटेक कंपनी द्वारा जो भी कार्य किया गया है उसकी जांच की जाए कार्य में अनियमितताएं हैं जिससे कभी भी  एक तो बड़ा हादसा हो सकता है|

केंद्र सरकार के आईपीडीएस प्रोजेक्ट के तहत मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी क्षेत्र में अरबों रुपए का काम हुआ है इंदौर शहर तथा ग्रामीण क्षेत्र में के अलावा अन्य जिलों में भी आईपीडीएस प्रोजेक्ट के तहत बिजली के नए पोल लगाए गए हैं लाइन डाली गई है ट्रांसफार्मर बदले गए हैं लाइन इरेक्शन का कार्य किया गया है  अन्य  कार्य योजना में शामिल गरीब बस्तियों में बिजली पहुंचाने और पुरानी लाइन की जगह नाए पोल लाइन डालकर विद्युत लाइनों का नवीनीकरण वाली योजना केवल अधिकारियों और ठेकेदारों के जेब भरने वाली साबित हुई योजना में काम करने वाले किसी भी ठेकेदार ने गुणवत्ता मुक्त कार्य नहीं किया गया है इंदौर में काम करने वाली कंपनियों के बाद धार वा झाबुआ में काम करने वाली यूबीटेक कंपनी की भी शिकायत एमडी को की गई शिकायतकर्ता अनवर खान का कहना है कि यूबीटेक  कंपनी द्वारा जो कार्य संपादित करना बताया गया है जिसका विद्युत वितरण कंपनी द्वारा का भुगतान किया गया है वास्तव में युबिटेक  कंपनी ने वह कार्य  सही तरीके से संपादित नहीं  किया है जैसे
(१) पोल के लिए खोदे हुवे गड़े मैं सीमेंट का बेस् नहीं दिया गया है
(2) 11 के.वी. लाइन में डाले गए कंडक्टर भी निर्धारण माप नियम को पुवर्क नहीं है
(3)11 के.वी. पोल की निर्धारण दूरी नियम अनुसार नहीं है
(4)एल.टी.पोल की दूरी भी नियम अनुसार नहीं है
(5) लगाए गए पोल की फेंसिंग सही नहीं होने से अभि से पोल आड़े टेढ़े हो रहे हैं
(6) कई स्थानों पर ट्रांसफार्मर नहीं लगाए गए हैं

सवालों के घेरे में जिसने भौतिक सत्यापन रिपोर्ट देने वाले अधिकारी
भुगतान से पहले संबंधित अधिकारी द्वारा मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन किया जाता है और गुणवत्ता की जांच की जाती है जांच के बाद ही भुगतान किया जाता है धार में पदस्थ रहते हुए  कामेश श्रीवास्तव ने कार्य की भौतिक सत्यापन रिपोर्ट दी थी
जो अभी। तत्कालीन इंदौर सिटी S.E.  है अब देखना यह है कि  कार्रवाई एम डी साहब द्वारा की जाती है कि शिकायतकर्ता को कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा|

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